क्रेन की मदद से टिप्पर को बाहर निकाला, इनसेट में मृतक की फाइल फोटो।
स्वां नदी और सतलुज दरिया में माइनिंग के अवैध कारोबार कई घरों के चिराग बुझा चुके हैं। मंगलवार की देर रात चल रही माइनिंग के दौरान एक टिप्पर स्वां नदी में हुए गहरे गड्ढे में समा गया। इससे एक युवक की मौत हो गई और उसका साथी पानी में बह गया। पुलिस गोताखोरों की मदद से उसकी तलाश कर रही है।
जानकारी के अनुसार भलड़ी निवासी सतनाम सिंह पुत्र कश्मीर सिंह( 22) अपने एक अन्य साथी के साथ गांव भलाण से होकर गुजरने वाली स्वां नदी में टिप्पर लेकर गया था। स्वां नदी में माइनिंग के चलते हुए गहरे गड्ढे से अनजान होने के कारण टिप्पर पानी से भरे गहरे गड्ढे में जा गिरा। इससे सतनाम सिंह व उसका साथी पानी के तेज बहाव में बह गए। सूचना मिलते ही थाना प्रभारी नंगल पवन चौधरी के नेतृत्व में पुलिस दल गोताखोरों की टीम के साथ मौके पर पहुंचा। समाचार लिखे जाने तक टिप्पर और सतनाम सिंह के शव को नदी से बाहर निकाल लिया गया।
मौके पर मौजूद गांव वासियों ने आरोप लगाया कई बार अवैध माइनिंग रोकने के लिए जिला प्रशासन, पुलिस प्रशासन व माइनिंग विभाग को गुहार लगा चुके है। विभागों की कथित मिलीभगत के कारण यह धंधा जोर शोर से लगातार चल रहा है। गांव वासियों ने माइनिंग माफिया के खिलाफ हत्या के तहत मामले दर्ज कर पीड़ित परिवारों को उचित मुआवजा दिए जाने की मांग उठाई है।
क्या कहा माइनिंग विभाग के एसडीओ ने
खनन विभाग के एसडीओ गुरजीत सिंह ने क्षेत्र में अवैध माइनिंग का खंडन किया है। उन्होंने बताया मौके पर जाकर हालात का जायजा लेंगे और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
थाना प्रभारी सब इंसपेक्टर पवन चौधरी ने कहा कि सतनाम सिंह का शव और टिप्पर को गोताखोरों की मदद से ढूंढ लिया गया है। सतनाम के साथी की तलाश में गोताखोर जुटे है। पीड़ित परिवारों के बयान के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।