चंडीगढ़। चंडीगढ़ पुलिस के नए डीजीपी डॉ. सागरप्रीत हुड्डा ने बुधवार को सेक्टर-26 पुलिस लाइन में आयोजित भव्य परेड और स्वागत समारोह के साथ पदभार संभाल लिया। परेड के दौरान उनके साथ आईजी पुष्पेंद्र कुमार, एसएसपी कंवरदीप कौर, एसपी क्राइम जसबीर सिंह समेत कई पुलिस अधिकारी मौजूद रहे।
इस अवसर पर डॉ. हुड्डा ने कहा कि पुलिस की वर्दी केवल शक्ति का नहीं बल्कि सेवा और जिम्मेदारी का प्रतीक है। हमें जनता और राजनीतिक दबाव से ऊपर उठकर नैतिकता के साथ काम करना होगा। कोई भी इंसान थाने या चौकी तभी आता है जब वह बड़ी परेशानी में होता है। इसलिए उनसे अच्छा बर्ताव करें। अगर हम उसके जूते में खुद का पैर रखकर सोचेंगे तभी उसके दर्द को समझ पाएंगे और सही न्याय दिला पाएंगे। डीजीपी ने कहा कि जनता ही उनकी असली ताकत होती है।
एएसपी से डीजीपी तक, 24 साल बाद लौटे चंडीगढ़
डॉ. हुड्डा ने कहा उनका चंडीगढ़ से 40 साल पुराना नाता है। उन्होंने पंजाब यूनिवर्सिटी से ग्रेजुएशन और पोस्ट ग्रेजुएशन की। आईपीएस बनने के बाद 1999 में बतौर युवा एएसपी चंडीगढ़ पुलिस में डेढ़ साल सेवा दी। उस समय ईमानदार एसएसपी प्रयाग जैन के नेतृत्व में काम करने का मौका मिला। आज प्रयाग जैन भारत सरकार की बड़ी पोस्ट पर नियुक्त हैं। 24 साल पहले भी इसी पुलिस लाइन में आया था। अब दोबारा इसी पुलिस लाइन में डीजीपी बनकर लौटना गर्व की बात है।
साइबर सेल को और मजबूत बनाना होगा
डॉ. हुड्डा ने कहा कि अपराध का स्वरूप तेजी से बदल रहा है। साइबर क्राइम, ड्रग्स सिंडिकेट और संगठित अपराध आज बड़ी चुनौती है। चंडीगढ़ में भी ऐसे अपराध काफी हैं। उन्होंने कहा कि साइबर सेल को और मजबूत बनाना होगा ताकि डिजिटल अपराध पर लगाम कसी जा सके। इसके अलावा सब मिलकर काम करेंगे और शहर में अपराध पर शिकंजा कसेंगे।
नए कानूनों की समझ जरूरी
डीजीपी ने कहा कि देश में नया आपराधिक कानून लागू हो चुका है। यह जनता और पीड़ित केंद्रित है। हमें इस कानून की मूल भावना को समझकर काम करना होगा। चंडीगढ़ पढ़े-लिखे लोगों का शहर है, यहां के लोग अपने अधिकारों को भली-भांति जानते हैं इसलिए हमारी जिम्मेदारी और बढ़ जाती है।
चंडीगढ़ पुलिस को नई ऊंचाइयों तक ले जाना है
परेड की सराहना करते हुए उन्होंने कहा कि स्टार लगाना और वर्दी पहनना सिर्फ सम्मान की बात नहीं, बल्कि इसके पीछे जनता की सेवा का संकल्प है। हमें मिलकर चंडीगढ़ पुलिस को नई ऊंचाइयों तक ले जाना है।