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जैन मुनि नयन सागर मामले में नया मोड़, युवती बोली- महाराज को बदनाम करने के लिए हुआ मेरा इस्तेमाल

Tue, 21 Aug 2018 09:50 AM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
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सांकेतिक तस्वीर
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चंडीगढ़ के सेक्टर-27 के श्री दिगंबर जैन मंदिर में चातुर्मास के लिए विराजमान जैन मुनि नयन सागर महाराज पर लगाए गए आरोपों के मामले में सोमवार को उस समय नया मोड़ आ गया जब वीडियो क्लिप में जैन मुनि के साथ दिखाई दे रही युवती ने पुलिस उप महानिरीक्षक, सहारनपुर (उप्र) के समक्ष पेश होकर अपनी सफाई दी और मीडिया के सामने आकर कुछ लोगों पर जैन मुनि को बदनाम करने के षड्यंत्र का आरोप लगाया। 

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उसका कहना है कि उसके फोटो के साथ छेड़छाड़ कर उसे आपत्तिजनक बनाया और फिर सोशल साइट पर वायरल करने की धमकी देकर उसे महाराज के कमरे में जाने को मजबूर कर दिया। युवती ने कहा कि तीनों आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई होने तक वह संघर्ष करती रहेगी। इस बात की पुष्टि श्री दिगंबर जैन सोसाइटी चंडीगढ़ के कार्यकारी प्रधान अजय जैन, चातुर्मास कमेटी के संयोजक धर्म बहादुर जैन, कैलाश चंद जैन व महामंत्री संत कुमार जैन ने की है।

कैलाश चंद जैन का कहना है कि युवती ने श्री दिगंबर जैन सोसाइटी को भी उस पत्र की प्रति प्रेषित की है। इसके बाद दिगंबर जैन सोसाइटी और चंडीगढ़ के जैन समाज ने राहत की सांस ली है। जैन मुनि नयन सागर महाराज के साथ वायरल हो रही वीडियो से मचे बवाल के बीच युवती ने कहा कि अब उसके अपने परिजन और जैन समाज के कुछ लोग ही उसके खिलाफ हो गए हैं। उसने कहा कि मुजफ्फरनगर के जैन मंदिर वहलना के एक पदाधिकारी ने एक महिला एवं एक अन्य व्यक्ति के साथ मिलकर यह षड्यंत्र रचा है।
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 आरोपियों ने ही उसे दबाव में लेकर महाराज श्री के कमरे में जाने के लिए अत्यंत छोटे कपड़े पहनने को दिए थे। युवती ने आरोप लगाया कि परिजनों ने उसके अपहरण का आरोप जैन मुनि पर लगाकर बहादराबाद में रिपोर्ट दर्ज कराई तो इसके खिलाफ उसने कोर्ट में अपने बयान दर्ज करवा दिए हैं। अब उसे परिजन और जैन समाज के कुछ लोगों से खतरा महसूस हो रहा है। 

नयन सागर पर फैसला उनके गुरु लेंगे
संत कुमार जैन और कैलाश चंद जैन ने कहा कि नयन सागर महाराज के गुरु आचार्य निर्मल सागर का पत्र श्री दिगंबर जैन सोसाइटी को आया है। पत्र में आचार्य निर्मल सागर ने निर्देश दिया है कि नयन सागर जी का चातुर्मास सानंद संपन्न करवाएं और चातुर्मास के बाद उन्हें गिरनार के लिए विहार करवाएं।

वहां पर वे स्वयं मामले की समीक्षा करेंगे और गुण दोषों की जांच के बाद आगम के अनुसार निर्णय लेंगे। आचार्य निर्मल सागर ने अपने पत्र में स्पष्ट किया है कि सभी कार्य पारदर्शिता के साथ होगा। समाज इस बारे में निश्चिंत रहें। आचार्य निर्मल सागर जी गिरनार (मध्यप्रदेश) में चातुर्मास कर रहे हैं।

मैं पहले भी कहता था कि यह साजिश है। साजिश का पर्दाफाश हो गया है। पुलिस मामले की पूरी तरह से जांच करे और साजिशकर्ताओं को तुरंत गिरफ्तार करे। - अजय जैन, कार्यकारी अध्यक्ष, श्री दिगंबर जैन सोसाइटी, चंडीगढ़

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