संगठन की संयोजिका काजल ने शिकायतकर्ता के परिवार से मनिंदर की बहन बनकर संपर्क किया और योजनाबद्ध तरीके से दस लाख में सौदा तय हुआ। तय योजना के अनुसार लड़की के पिता को मुक्तसर के एक होटल में रुपये लेने के लिए बुलाया। होटल के कमरे में पहले से ही मोबाइल कैमरा फिट कर दिया था।
साथ ही मीडिया को भी बुलाकर इशारा करने पर अंदर आने को कहा गया। जब लड़की के पिता ने अंदर आकर रुपये लिए और गिनने शुरू किए तो इशारा मिलते ही मीडियाकर्मी तुरंत कमरे में पहुंच गए। मनिंदर के पारिवारिक सदस्य व पुलिस को भी पहले ही सूचना दे दी गई थी। पुलिस ने लड़की के पिता को गिरफ्तार कर अग्रिम कार्रवाई शुरू कर दी।
एसएचओ तेजिंदर पाल सिंह ने बताया कि लड़की के पिता पर आरोपियों पर ब्लैकमेलिंग का पर्चा दर्ज किया जा रहा है। बता दें कि ज्वाला शक्ति संगठन की संयोजिका काजल अब तक 1,075 केसों में पीड़ितों को इंसाफ दिलवा चुकी है। जिसमें से उसने 358 पुरुषों को ऐसी महिलाओं के ब्लैकमेलिंग के चंगुल से मुक्त करवाते हुए इंसाफ दिलवाया है।