पीजीआई की वार्षिक स्पोर्ट्स मीट में डॉक्टरों और परिजनों ने लिया हिस्सा, विभिन्न प्रतियोगिताओं के जरिये जागरूकता बढ़ाने पर जोर
टो नॉर्थ के सहयोग से आयोजन, खेलों से तनाव कम करने और टीम भावना बढ़ाने का संदेश
चंडीगढ़। खेल केवल सेहत बनाने और जीत हासिल करने का माध्यम नहीं, बल्कि दूसरों की जिंदगी बचाने का संदेश देने का जरिया भी बन सकते हैं। इसी उद्देश्य से पीजीआई के एडवांस्ड पीडियाट्रिक सेंटर (एपीसी) की ओर से रविवार को स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स में वार्षिक स्पोर्ट्स मीट आयोजित की गई। क्षेत्रीय अंग एवं ऊतक प्रत्यारोपण संगठन (रोटो नॉर्थ) के सहयोग से हुए इस आयोजन में डॉक्टरों, फैकल्टी सदस्यों, रेजिडेंट डॉक्टरों और उनके परिजनों ने हिस्सा लिया। कार्यक्रम में अंगदान के प्रति जागरूकता बढ़ाने पर विशेष जोर दिया गया।
प्रतियोगिताओं में दिखा उत्साह
स्पोर्ट्स मीट के दौरान क्रिकेट मैच, नींबू दौड़, तीन टांगों वाली दौड़ और 100 मीटर रेस सहित विभिन्न प्रतियोगिताएं करवाई गईं। प्रतिभागियों ने उत्साह के साथ खेल गतिविधियों में हिस्सा लिया। आयोजन का उद्देश्य स्वास्थ्यकर्मियों को काम के तनाव से राहत देने के साथ आपसी सहयोग और टीम भावना को बढ़ावा देना भी रहा।
अंगदान के प्रति जागरूकता जरूरी
पीजीआई निदेशक प्रो. विवेक लाल ने कहा कि खेल स्वास्थ्यकर्मियों को तनाव से राहत देने और आपसी तालमेल बढ़ाने में मदद करते हैं। खेलों के साथ अंगदान का संदेश जोड़कर लोगों को इस जीवनरक्षक पहल के प्रति जागरूक किया जा सकता है। वहीं, रोटो नॉर्थ के नोडल अधिकारी डॉ. विजय टाडिया ने कहा कि खेल जैसी गतिविधियों के माध्यम से अंगदान से जुड़े भ्रम दूर करने और लोगों तक सही जानकारी पहुंचाने में मदद मिल सकती है।