उपराष्ट्रपति ने कहा कि सुषणा स्वराज का भाषण सदन के दोनों पक्ष बड़े ही ध्यान से सुनते थे। उन्हें कई भाषाएं आती थीं। कर्नाटक में रहते हुए उन्होंने कन्नड में भाषण दिया, जिससे सभी बेहद हैरान हो गए थे। सुषणा स्वराज एक आदर्श भारतीय नारी के साथ एक सफल राजनेता रही हैं। वह महिला सशक्तीकरण का एक बेहतरीन उदाहरण हैं।
वह छोटी उम्र में हरियाणा की कैबिनेट मंत्री बनीं। दिल्ली की पहली महिला मुख्यमंत्री और वर्ष 2016 में संयुक्त राष्ट्र संघ में हिंदी में भाषण दिया। इसके अलावा संयुक्त राष्ट्र संघ में हिंदी को मान्यता दिलाने में भी उनका काफी योगदान रहा। उन्होंने सुषमा की याद में इस लेक्चर का आयोजन करने के लिए पंजाब विश्वविद्यालय एल्युमनी एसोसिएशन और लॉ डिपार्टमेंट को धन्यवाद दिया और कहा कि आज की युवा पीढ़ी को सुषमा को आदर्श मानना चाहिए।