महिला वकीलों को फोन कर अश्लील बातें कर परेशान करने वाले सिरफिरे ने अब एसीपी को फोन कर अपशब्द कहना शुरू कर दिया है। डीजीपी दिनकर गुप्ता के आदेश पर जांच का दायरा तो बढ़ा दिया गया है लेकिन पुलिस के हाथ अब भी आरोपी तक नहीं पहुंच पाए हैं।
डीसीपी जांच गुरमीत सिंह का कहना है कि पुलिस को जांच में आठ ऐसे मोबाइल नंबर के बारे में पता चला है, जो आरोपी के संपर्क में हैं। पुलिस अब एक-एक नंबर को खंगाल रही है, ताकि मुख्य आरोपी को बेनकाब किया जा सके।
वकील रणवीर कौर भुल्लर का कहना है कि सारे वकील एकजुट हो रहे हैं, ताकि सिरफिरे को गिरफ्तार किया जा सके। एडवोकेट अमनदीप कौर का कहना है कि पुलिस की कार्रवाई संदेह के घेरे में है। पंजाब में काफी महिला वकीलों को इस तरह की इंटरनेट कॉल्स आ रही हैं। इसके बावजूद पुलिस अब तक आरोपी का सुराग नहीं लगा पाई है।
एडवोकेट गुरजीत काहलो का कहना है कि महिला वकील मानसिक रूप से काफी परेशान हो गई हैं, क्योंकि ऐसा लगता है कि सिरफिरा कहीं आसपास घूम रहा है। बार काउंसिल के चेयरमैन करणजीत सिंह से भी लगातार संपर्क किया जा रहा है। अगली रणनीति तय की जा रही है, क्योंकि पुलिस की तरफ से कोई कार्रवाई होती नहीं दिख रही है।
एडवोकेट बीना कश्यप का कहना है कि यह किस्सा ही शर्मनाक है। इस तकनीकी युग में भी पुलिस के हाथ अब तक आरोपी तक नहीं पहुंचे हैं। वह अब भी महिला वकीलों को प्रताड़ित कर रहा है। इससे बड़ी शर्मनाक घटना क्या होगी। डीसीपी जांच गुरमीत सिंह का कहना है कि मामला काफी संवेदनशील है। जांच टीम की कमान आईपीएस अधिकारी रवि को सौंपी गई है जो एक साइबर एक्सपर्ट के साथ आईआईटी ग्रेजुएट हैं।