तेजपाल सिंह और दीपक की फाइल फोटो।
हरियाणा के कोसली क्षेत्र के गांव जुडडी निवासी सशस्त्र बल के जवान दीपक कश्मीर में आतंकवादियों से लड़ते हुए शहीद हो गए। उनका पार्थिव गुरुवार दोपहर तक पहुंचने की संभावना है। कोसली थाना प्रभारी चरण सिंह ने बताया कि उनके पास कश्मीर से सशस्त्र बल से फोन आया है कि दीपक आतंकवादियों से हुई मुठभेड़ में शहीद हो गए हैं।
उनका पार्थिव शरीर गुरुवार दोपहर तक आने की संभावना है। 37 वर्षीय दीपक तीन भाई बहनों में छोटा था। वे अपने पीछे एक पुत्र, पत्नी पिंकी व मां राजबाला तथा दो बहनों को छोड़ गए हैं। उनके पिता कृष्ण भी सशस्त्र बल में रह चुके हैं और उनका देहांत हो चुका है। बताया जा रहा है कि दीपक वर्ष 2005 में भर्ती हुए थे।
बहादुरगढ़ के सीआरपीएफ जवान का असम में निधन
केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) में सहायक उप निरीक्षक गांव कानोन्दा निवासी तेजपाल सिंह का निधन हो गया। उनका निधन हृदयघात के कारण हुआ है। बुधवार दोपहर बाद तिरंगे में लिपटा उनका पार्थिव शरीर स्पेशल टुकड़ी दिल्ली एयरपोर्ट से उनके पैतृक गांव लेकर पहुंची।
भारत माता की जय के नारों के बीच पूरे सम्मान के साथ उनका अंतिम संस्कार किया गया। उनके बेटे ने मुखाग्नि दी। अंतिम संस्कार के दौरान ग्रामीण और सीआरपीएफ की अलग-अलग बटालियन के जवान व अधिकारी मौजूद रहे।
कानोन्दा के रहने वाले तेजपाल सिंह सीआरपीएफ की 68 बटालियन में थे। वह इन दिनों असम के तिनशुकिया में तैनात थे। कुछ दिन पहले ही वह अपनी छुट्टी काटकर ड्यूटी पर लौटे थे। उनकी मां काफी दिनों से बीमार हैं। मां के इलाज के लिए वह छुट्टी पर आए थे। यहां से वह 17 जनवरी को ड्यूटी पर पहुंचे और क्वांरटीन हो गए।
25 जनवरी को तेजपाल सिंह की अचानक तबीयत बिगड़ी और उनका निधन हो गया। ग्रामीणों के अनुसार सहायक उप निरीक्षक तेजपाल सिंह तीन भाई-बहनों में बड़े थे। वे चार बच्चों के पिता था, जिनमें तीन बेटी व एक बेटा है। उनकी बेटियों की शादी हो चुकी है। बेटा अभी आठवीं कक्षा में पढ़ता है। तेजपाल सिंह के पिता भी सीआरपीएफ में थे। सीआरपीएफ झाड़ोदा से आए इंस्पेक्टर रमेश चंद्र ने बताया कि तेजपाल सिंह 68 बटालियन में तैनात थे और इन दिनों उनकी ड्यूटी असम में थी।