पाकिस्तान के गुरुद्वारा ननकाना साहिब में श्री गुरु नानक देव जी के 550वें प्रकाश पर्व के अवसर पर आयोजित धार्मिक समागमों में शामिल होने के लिए एसजीपीसी ने 1303 श्रद्धालुओं के एक जत्थे को अटारी सड़क सीमा से पाकिस्तान रवाना किया। श्रद्धालुओं ने अटारी सड़क सीमा से पाकिस्तान वाघा सीमा तक का रास्ता पैदल तय किया।
कंधों व सिर पर अपना सामान उठा कर बोले सो निहाल सत श्री अकाल के जयकारे लगाते श्रद्धालु पाकिस्तान पहुंचे। वहां पाकिस्तान सिख गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के अध्यक्ष सतवंत सिंह और पाकिस्तान ईटीपीबी के सदस्यों ने यात्रियों का स्वागत किया। पाकिस्तान सरकार श्रद्धालुओं को कड़ी सुरक्षा के बीच वाघा रेलवे स्टेशन तक ले गई जहां से ननकाना साहिब तक एक विशेष ट्रेन चलाई गई है।
भारत पाकिस्तान के बीच उठे तनाव के कारण कई साल बाद श्रद्धालुओं को गुरुद्वारा ननकाना साहिब तक पहुंचाने के लिए पाकिस्तान ने कोई भी विशेष ट्रेन अटारी रेलवे स्टेशन पर नहीं भेजी। कई साल बाद पाकिस्तान सरकार ने भारतीय श्रद्धालुओं को अटारी सड़क सीमा से पाकिस्तान में प्रवेश करने का वीजा दिया है।
इससे पहले यह सुविधा केवल अप्रवासी भारतीयों को दी जाती थी। एसजीपीसी द्वारा भेजे गए जत्थे की अगुवाई गुरमीत सिंह बूह, बाबा चरण जीत सिंह और बाई रविंदर कौर अजराना कर रहे हैं। जत्थे का प्रबंध देखने के लिए गुरिंदरपाल सिंह ठरू और करनजीत सिंह भी साथ गए हैं।