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बाढ़ के हालात पर नजर रखेगी तीन अफसरों की उच्चस्तरीय कमेटी : सीएम

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अमर उजाला ब्यूरो
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चंडीगढ़। मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने तीन वरिष्ठ अधिकारियों की एक उच्चस्तरीय कमेटी का गठन किया है जो बाढ़ प्रभावित जिलों में चल रहे राहत और बचाव कार्यों की दैनिक आधार पर निगरानी करेगी। बाढ़ की स्थिति का जायजा लेने के लिए एक उच्च-स्तरीय बैठक की अध्यक्षता करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि राजस्व विभाग, जल संसाधन और खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों वाली यह कमेटी अमृतसर समेत अन्य बाढ़ प्रभावित जिलों में स्थायी रूप से तैनात रहेगी।
उन्होंने डिप्टी कमिश्नरों व अन्य अधिकारियों को निर्देश दिए कि इस समिति के आदेशों का पालन सुनिश्चित किया जाए ताकि बाढ़ पीड़ितों को अत्यंत आवश्यक राहत प्रदान की जा सके। मान ने कहा कि राज्य सरकार लोगों को इस संकट से निकालने के लिए पूरी तरह से प्रतिबद्ध है। मुख्य सचिव को बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का दौरा कर बचाव और राहत कार्यों को और प्रभावी ढंग से सुनिश्चित करने के लिए कहा।
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रावी नदी में आया 14.11 लाख क्यूसेक पानी

मुख्यमंत्री ने बताया कि इस सीजन में अब तक रावी नदी में 14.11 लाख क्यूसेक पानी आया है, जो अब तक इस नदी में सबसे अधिक है। यहां तक कि जब 1988 में राज्य में सबसे भयानक बाढ़ आई थी, तब भी इस नदी में 11.20 लाख क्यूसेक पानी आया था। राज्य सरकार ने नदियों से अधिकतम पानी निकालने के लिए हरियाणा और राजस्थान को पहले ही पत्र लिखकर भेज दिया है। बाढ़ से सबसे ज्यादा प्रभावित पांच जिलों में सेना को पहले ही तैनात किया जा चुका है। राज्य की मशीनरी व उपकरणों का उपयोग कर प्रशासन द्वारा सेना के साथ मिलकर राहत कार्य चलाए जा रहे हैं। एनडीआरएफ की 17 टीमें राहत कार्यों के लिए तैनात की गई हैं ताकि पीड़ित लोगों का बचाव किया जा सके।
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मेडिकल टीमें भी तैनात
सीएम ने बताया कि राहत कार्यों के साथ-साथ मेडिकल टीमें आने वाले समय में पानी के नमूने लेने, घरों और गांवों के अंदर व बाहर स्प्रे का छिड़काव आदि कार्य के लिए तैयार हैं। बैठक में मुख्यमंत्री ने अफसरों को निर्देश दिए कि बाढ़ प्रभावित गांवों में डेंगू के लारवा का पता लगाने के लिए समर्पित एंटी-लारवा टीमें तैनात की जाएं। उन्होंने नालों व नालियों में ब्लीचिंग पाउडर का छिड़काव करने के लिए भी कहा ताकि दुर्गंध को रोकने के साथ-साथ इससे होने वाली बीमारियों के फैलाव को रोका जा सके। इस अवसर पर स्थानीय निकाय मंत्री डॉ. रवजोत, मुख्य सचिव केएपी सिन्हा और अन्य अफसर उपस्थित रहे।
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