फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

कोरोना वायरस: पाकिस्तान में फंसे 29 भारतीय वतन पहुंचे, 30 पाक हिंदू भी अटारी सीमा पर फंसे

Thu, 19 Mar 2020 07:47 PM IST
ajay kumar अमर उजाला/एएनआई, अंबाला/चंडीगढ़
विज्ञापन
अटारी-वाघा बॉर्डर। - फोटो : फाइल फोटो
विज्ञापन

पाकिस्तान में आयोजित पाकिस्तान प्रीमियर लीग देखने गए 29 भारतीय बुधवार देर रात पांच घंटे तक वाघा-अटारी सीमा के बीच फंसे रहे। पाकिस्तान रेंजर ने सीमा पर स्थित अपना इंटरनेशनल गेट बंद कर दिया था। बाद में भारतीय विदेश मंत्रालय के दखल के बाद अटारी सीमा पर तैनात इमिग्रेशन अधिकारियों ने पाकिस्तान अधिकारियों के साथ बातचीत कर बॉर्डर का गेट खुलवाया। इसके बाद इन 29 भारतीयों के स्वास्थ की जांच देर रात ढाई बजे तक आईसीपी में तैनात डॉक्टरों की एक टीम करती रही। 

विज्ञापन


कोरोना वायरस के चलते इस लीग को रद्द कर दिया गया था। इसके बावजूद यह भारतीय पाकिस्तान में ही रहे। जब कोरोना वायरस का खौफ बढ़ गया तो ये लोग अटारी-वाघा बार्डर के रास्ते इधर आए। उनके इधर आते ही पाकिस्तान ने गेट बंद कर लिया। इमीग्रेशन और कस्टम ने जब उनके पासपोर्ट और वीजा चेक किया तो पता चला कि वह लोग दिल्ली से वाया दुबई पाकिस्तान गए थे। नियम के अनुसार, जो व्यक्ति जिस रास्ते से विदेश जाता है, उसी रास्ते अपने वतन लौट पाता है।

भारत आए 30 पाकिस्तानी हिंदू अटारी सड़क सीमा पर फंसे 
कोरोना वायरस के कारण भारत-पाकिस्तान अंतरराष्ट्रीय सीमा बंद किए जाने के बाद हरिद्वार और अन्य धार्मिक अस्थानों का वीजा लेकर आए पाकिस्तानी हिंदुओं का एक दल अटारी सड़क सीमा पर फंस गया हैं। पाकिस्तानी हिंदुओं के इस दल में 30 से अधिक सदस्य हैं, जिसमें कई महिलाएं भी शामिल हैं। 

विज्ञापन

सीमा सुरक्षा बल के जवानों ने इन पाकिस्तानी हिंदुओं को अटारी सड़क सीमा से पाकिस्तान वाघा सीमा पर जाने से रोक दिया है। गुरुवार सुबह पाकिस्तान जाने के लिए अटारी सीमा पर पहुंचे शोभराज ने बताया कि वह सिंध से आए हैं और इंदौर से लौट रहे हैं। उन्हें इंदौर में जानकारी दी गई कि 20 मार्च को बॉर्डर बंद हो जाएगा। इसलिए वह हवाई जहाज से अमृतसर पहुंचे। अटारी सीमा पर पहुंचने पर पता चला कि बॉर्डर बंद हुए तीन दिन हो चुके हैं। उनके पास अब पैसे खत्म हो गए हैं।

अपने परिवार के साथ पाकिस्तान जाने के लिए अटारी पहुंचे पवन कुमार ने बताया कि उनका वीजा भी दो दिन बाद खत्म हो जाएगा। अटारी सीमा पर उन्हें बताया गया कि बॉर्डर बंद कर दिया गया है। ज्ञान चंद ने बताया कि वह बहुत परेशान हैं। उसके पास केवल वाघा सीमा से सिंध तक जाने का किराया बचा है। यदि वह पाकिस्तान नहीं गए तो उनको कई तरह की मुश्किलें आएंगी। 

मुंबई से अपने रिश्तेदारों से मिलकर लौट रही कराची निवासी जैहरा ने बताया कि यदि वह पाकिस्तान नहीं लौटी तो यहीं रात गुजारने पर विवश हो जाएंगी। लक्ष्मी बाई ने बताया कि 22 मार्च को उनका वीजा समाप्त हो रहा है। पाकिस्तान न जाने दिया गया तो उनके पास खाने को फूटी कौड़ी नहीं है।

एकमात्र कोरोना पॉजिटिव की हालत में अब सुधार

होशियापुर निवासी एकमात्र कोरोना पॉजिटिव मरीज की हालत में अब सुधार है। गुरुनानक देव अस्पताल में उपचाराधीन इस मरीज का सैंपल पुन: जांच के लिए सरकारी मेडिकल कॉलेज स्थित इंफ्लूएंजा लैब भेजा गया है। मरीज के सात वर्षीय बच्चे और पत्नी का सैंपल भी जांचा जा रहा है। वीरवार तक तीनों की रिपोर्ट आ जाएगी।

सेहत विभाग ने सात को आइसोलेशन वार्ड में दाखिल कर शाम को घर भेजा
जिला सेहत विभाग ने श्री गुरु राम दास इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर खाड़ी देशों और फ़्रांस से पहुंचे एक हजार से अधिक यात्रियों में से सात यात्रियों को ही आइसोलेशन वार्ड में दाखिल करवाया। शेष सभी यात्रियों को एयरपोर्ट में स्क्रीनिंग कर निर्देश देकर घर भेज दिया कि वह 14 दिन तक घरों से बाहर न निकले। इससे पहले सेहत विभाग की ओर से एयरपोर्ट पर आने वाले सभी यात्रियों को आइसोलेशन वार्ड में दाखिल करने की योजना तैयार की गई थी।

विभाग ने इस उद्देश्य की पूर्ति के बुधवार को एयरपोर्ट पर आने वाले सभी यात्रियों को शहर में जगह-जगह स्थापित आइसोलेशन सेंटरों में रखने की तैयारी कर ली थी। अंतिम समय पर सेहत विभाग ने अपने ही इस फैसले को बदल डाला और पुराने एबीसी फॉर्मूले पर लौट आया। विभाग ने महज सात लोगों को ही आइसोलेशन वार्ड में भेजा। बाद में इनको भी घर भेज दिया गया।
विज्ञापन

बाकियों की एयरपोर्ट पर स्क्रीनिंग के बाद घर भेज दिया गया। अगले सात दिनों में अमृतसर एयरपोर्ट पर 25 हजार यात्रियों के पहुंचने की संभावना है। ये यात्री जापान, स्पेन, फ्रांस, ईरान, चीन, दुबई, ओमान, यूएई से आ रहे हैं। इतनी संख्या में यात्री के आने की खबर से स्वास्थ्य विभाग के हाथ पांव फूल गए हैं। जिला प्रशासन ने भी अधिकारियों को तैयार रहने को कहा है। दिन रात बैठकों का दौर जारी है।

पिछले सप्ताह लागू किया था ए, बी व सी कैटेगरी का फॉर्मूला
स्वास्थ्य विभाग ने पिछले सप्ताह ए, बी व सी कैटेगरी का फॉर्मूला इजाद किया था। इस फॉर्मूले में चीन, इटली, ईरान, जर्मनी, फ्रांस, स्पेन व कोरिया से आने वाले लोगों को शामिल किया गया था। स्वास्थ्य विभाग ने बीते मंगलवार को कहा था कि अब एयरपोर्ट पर आने वाले हर नागरिक को ही आइसोलेट किया जाएगा लेकिन अब एबीसी फॉर्मूला लागू कर दिया गया है।

एयरपोर्ट पर बढ़ाया गया स्टाफ
स्वास्थ्य विभाग ने एयरपोर्ट पर डॉक्टरों की टीमें बढ़ा दी है। अब यहां दो की बजाय पांच टीमें तैनात हैं। बुधवार को एयरपोर्ट पर हुई बैठक में पहुंचे डिप्टी कमिश्नर शिवदुलार सिंह ढिल्लों ने प्रबंधों की समीक्षा की। इस दौरान सिविल सर्जन डॉ. प्रभदीप कौर जौहल, कोरोना संक्रमण के नोडल अधिकारी डॉ. मदन मोहन, डॉ.बलजीत कौर भी उपस्थित थे।
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें