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शराब फैक्टरी का विरोध : फाजिल्का में धरने पर बैठा दूल्हा, बोला- फैक्टरी लगने से इलाका हो जाएगा बर्बाद

Mon, 08 Mar 2021 05:26 PM IST
ajay kumar संवाद न्यूज एजेंसी, फाजिल्का (पंजाब)
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बरात से पहले धरने पर शामिल दूल्हा गुरसेवक सिंह। - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
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पंजाब के फाजिल्का के गांव हीरांवाली में शराब फैक्टरी निर्माण के खिलाफ 30 गांवों के किसानों और ग्रामीणों का अबोहर-फाजिल्का राष्ट्रीय राजमार्ग पर धरना सोमवार को 22वें दिन जारी रहा। वहीं आज भूख हड़ताल का 17वां दिन था। गांव किकरखेड़ा का रहने वाला गुरसेवक सिंह बरात जाने से पहले अपने रिश्तेदारों के साथ गांव हीरांवाली में चल रहे धरने में शामिल हुआ। 

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शराब फैक्टरी के खिलाफ संघर्ष चला रहे हीरांवाली के किसान नेता बलराम केसवानिया, कृष्ण हीरांवाली, मनोज झींझा, गौरव झींझा व अन्य नेताओं ने बताया कि सोमवार को अबोहर निवासी नीलम झींझा, गांव हीरांवाली निवासी सुदेश कुमारी, रतना, परमेश्वरी व गांव बेगांवाली निवासी नारायण रानी, गांव बोदीवाला निवासी राम सिंह, गांव बेगांवाली निवासी कृष्ण गोपाल कंबोज, गांव हीरांवाली निवासी सुशील राड़, विकास झींझा और विनोद झींझा भूख हड़ताल पर बैठे। वहीं अपनी शादी से पहले धरने पर पहुंचे गांव किकरखेड़ा निवासी दूल्हा गुरसेवक सिंह ने कहा कि शादी के साथ धरना भी जरूरी है।  शराब फैक्टरी लगने से इलाका बर्बाद हो जाएगा। आने वाली पीढ़ियों की शादी होनी दूर की बात है कोई रिश्तेदार मिलने भी नहीं आएगा। 

किसानों व ग्रामीणों ने कहा कि फैक्टरी लगने से वायु, ध्वनि और जल प्रदूषण होगा। वहीं कृषि योग्य भूमि पर बनने वाली शराब फैक्टरी के प्रदूषण से आसपास के गांवों में बसे लोगों के स्वास्थ्य पर विपरीत असर पड़ेगा। शुरूआत में जहां 11 पंचायतों ने शराब फैक्ट्री के खिलाफ प्रस्ताव पारित किया था। वहीं अब 25 से अधिक पंचायतें संघर्ष में शामिल हो चुकी हैं। सामाजिक संस्थाओं के अलावा फाजिल्का शहर से जुड़ी संस्थाएं भी समर्थन दे रही हैं। 
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किसी कीमत पर नहीं लगने दी जाएगी शराब फैक्टरी : घुबाया
विधायक दविंदर सिंह घुबाया का कहना है कि वह अपने क्षेत्र में शराब फैक्टरी किसी भी कीमत पर नहीं लगने देंगे। हीरांवाली के साथ लगते 22 गांवों का पानी पहले से दूषित है। शराब फैक्टरी लग गई तो हलके के लोग कैंसर से पीड़ित हो जाएंगे। घुबाया ने कहा कि लोकहित को ध्यान में रखते हुए शराब फैक्टरी बंद करने का मुद्दा विधानसभा में उठाया। उन्होंने कहा कि अकाली-भाजपा सरकार के समय 2015 में शराब फैक्टरी का लाइसेंस जारी हुआ था।

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