पाकिस्तान गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी मूल नानकशाही कैलेंडर के अनुसार पांच जनवरी को दशम पिता का प्रकाश पर्व गुरुद्वारा करतारपुर साहिब समेत पाकिस्तान स्थित सभी गुरुद्वारों में मनाएगी।
देश विभाजन के बाद पहली बार भारत के श्रद्धालु गुरुद्वारा करतारपुर साहिब में दशम पिता के प्रकाश पर्व समारोह में शामिल होंगे। चूंकि दशम पिता के प्रकाश पर्व पर श्रद्धालुओं का कोई जत्था पाकिस्तान नहीं जाता, इसलिए गुरुद्वारा करतारपुर साहिब जाने वाले श्रद्धालुओं को इस बार गुरु पर्व में शामिल होने का सौभाग्य मिलेगा।
पीएसजीपीसी के अध्यक्ष सतवंत सिंह ने बताया कि पाकिस्तान की संगत श्री गुरु गोबिंद सिंह जी का प्रकाश पर्व श्री ननकाना साहिब सहित सभी गुरुद्वारा साहिब में मनाती है। ननकाना साहिब में बच्चों के बीच दस्तारबंदी, क्रिकेट और कविश्री मुकाबले करवाए जाते हैं। श्री अखंड पाठ के भोग के बाद संगत को गुरु साहिबान के इतिहास के साथ जोड़ने के लिए कथा का आयोजन किया जाता है।
इस बार गुरुद्वारा साहिब में विशेष प्रबंध कर दशम पिता के प्रकाश पर्व का आयोजन किया जाएगा। हिंदुस्तान सहित विदेशों से करतारपुर साहिब माथा टेकने के लिए आने वाले श्रद्धालुओं को पहली बार दशम पिता का प्रकाश पर्व में शामिल होने का सौभाग्य मिलेगा।
पीएसजीपीसी के एक सदस्य इंद्रजीत सिंह के अनुसार इस बार गुरुद्वारा करतारपुर साहिब में प्रकाश पर्व पर तीन दिन तक कार्यक्रमों का आयोजन करने के लिए विशेष प्रबंध किए हैं। गुरुद्वारा साहिब में तीन जनवरी को श्री अखंड पाठ रखा जाएगा।
पांच जनवरी को गुरुद्वारा करतारपुर साहिब के विशाल परिसर में एक नगर कीर्तन निकाला जाएगा। इसमें पाकिस्तानी संगत के साथ-साथ करतारपुर कॉरिडोर से माथा टेकने के लिए आने वाली संगत भी शामिल होगी।
इंद्रजीत सिंह ने उम्मीद जताई कि प्रकाश पर्व पर हिंदुस्तान से माथा टेकने के लिए आने वाली संगत पांच हजार का आंकड़ा छू लेगी। पिछले रविवार को करतारपुर कॉरिडोर से दो हजार श्रद्धालु माथा टेकने के लिए गुरुद्वारा करतारपुर साहिब गए थे।
कॉरिडोर के उद्घाटन के बाद यह संख्या अब तक की सबसे बड़ी संख्या है। उन्होंने बताया कि अब तक पाकिस्तान से आठ हजार सिख गुरुद्वारा करतारपुर साहिब के दर्शन कर चुके हैं।