इस दौरान फिल्म काली टोपी लाल रूमाल से लेकर नया दौर, फागुन, सीआईडी, किस्मत, कश्मीर की कली के गीत पेश किए गए। इसमें लेकर पहला-पहला प्यार..., इशारों-इशारों में..., कजरा मोहब्बत वाला..., इक परदेसी मेरा दिल ले गया..., ये देश है वीर जवानों का...,, मेरा नाम चिन-चिन-चिन..., मैं बंगाली छोकरा सहित एक से बढ़कर एक गीत पेश कर लोगों का मन मोह लिया।
कार्यक्रम के बतौर मुख्य अतिथि अशोक गुप्ता एमएस दृष्टि आई हॉस्पिटल, विशेष अतिथि प्रो. एके गर्ग मौजूद रहे। मुख्य मेहमानों में डॉ. (कर्नल) प्रमोद कुमार एवं बीडी शर्मा रहे। सभी मेहमानों का स्वागत डॉ. (मेजर) वेद प्रकाश नागपाल अध्यक्ष मुर्च्छना कल्चरल सोसाइटी ने किया। गीतों के चयन से लेकर उसकी प्रस्तुति सहयोग महासचिव सुचेता का रहा। तकनीकी सहयोग अरूप मुखोपाध्याय एवं तरसेम राज का रहा।