भारतीय किसान यूनियन एकता (सिद्धूपुर) के आह्वान पर पंजाब के पांच जिलों के किसानों ने दिल्ली-अमृतसर हाइवे पर सुबह 10 बजे धरना प्रदर्शन शुरु कर दिया। इसमें जिला फतेहगढ़ साहिब, रोपड़, मोहाली, पटियाला और लुधियाना के किसानों ने शुक्रवार को संगठन के वरिष्ठ उपाध्यक्ष जसवीर सिंह सिद्धूपुर के नेतृत्व में जबरदस्त प्रदर्शन किया। दोपहर बाद इस धरने में लुधियाना के एक किसान कुलदीप सिंह की दिल का दौरा पड़ने से मौत हो गई।
धरने में पंजाब सरकार पर वादों से मुकरने का आरोप लगाते हुए किसानों ने कहा कि यह वादों से मुकरने वाली सरकार है जो हर दिन वादे करती है और उनसे मुकर जाती है। उन्होंने कहा कि चीन वायरस से खराब हुई धान की फसल के लिए 60 हजार प्रति एकड़ और लंपी स्किन बीमारी का मुआवजा तुरंत जारी किया जाए। इसके अलावा पराली न जलाने की एवज में किसानों को उचित मुआवजा देने और पांच नवंबर से गन्ना मिलों को चलाने और डीएपी खाद की मांग की गई।
विरोध के दौरान किसान की मौत
सरहिंद में किसानों के विरोध प्रदर्शन के दौरान लुधियाना जिले के एक किसान की मौत हो गई। मृतक की पहचान कुलदीप सिंह पुत्र संतोख सिंह निवासी गांव रामपुर दोराहा जिला लुधियाना के तौर पर हुई है। मौके पर मौजूद किसानों ने बताया कि धरने के दौरान कुलदीप सिंह के सीने में दर्द हुआ और उनकी तबीयत बिगड़ गई उन्हें तुरंत फतेहगढ़ साहिब के सिविल अस्पताल ले जाया गया तो डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
मृतक किसान कुलदीप सिंह के शव को पोस्टमॉर्टम के लिए सिविल अस्पताल के शवगृह में रखवाया है। धरने के दौरान संगठन के प्रदेश वरिष्ठ उपाध्यक्ष जसवीर सिंह सिद्धूपुर और प्रदेश कमेटी सदस्य मेहर सिंह खेड़ी ने कहा कि किसान की मौत सरकार की लापरवाही से हुई है। उन्होंने मृतक किसान की कर्जमाफी और सरकारी नौकरी और उसके परिवार को मुआवजा देने की मांग की। इस बारे एसडीएम फतेहगढ़ साहिब हरप्रीत सिंह ने बताया कि किसान की मौत का कारण हार्ट अटैक लग रहा है। किसान के परिजनों और किसान नेताओं से बातचीत की जा रही है और सरकार को किसानों की मांगों से भी अवगत कराया जा रहा है।