एक किसान दर-दर की ठोकरे खाता रहा आखिर में जब उसके बेटे के कातिलों को नही पकड़ा गया तो उसने वो कदम उठा लिया तो किसी ने नही सोचा था। मामला पंजाब के मानसा का है। बेटे के कातिलों को गिरफ्तार न किए जाने और पुलिस की धमकी से परेशान होकर गांव धर्मपुरा के किसान तरसेम सिंह (47) ने जहर निगलकर खुदकुशी कर ली। शुक्रवार सुबह उन्होंने घर में ही जहर निगला और रात को उनकी गांव बरवाला में मौत हो गई।
परिवार ने डीएसपी बुढलाडा पर धमकाने का आरोप लगाया है। उनका आरोप है कि बरेटा पुलिस ने तीन महीने पहले मारे गए उनके बेटे दलजीत सिंह के सभी कातिलों को गिरफ्तार नहीं किया था बल्कि उल्टा उनको ही धमकाया जा रहा है। तरसेम की मौत से आक्रोशित परिजनों और ग्रामीणों ने शनिवार शाम करीब चार बजे बरेटा कैंचियां पर जाम लगा दिया। मामले में कार्रवाई न किए जाने तक धरना जारी रखने का एलान किया गया।
देर शाम खबर लिखे जाने तक धरना जारी था। वहीं एसएसपी मुखविंदर सिंह भुल्लर ने कहा कि इस मामले में डीएसपी बुढलाडा द्वारा पीड़ित परिवार को डराने की कोई बात सामने नहीं आई है। उन्होंने कहा कि पुलिस ने चार आरोपियों को पकड़ने के बाद अन्य आरोपियों के साथ नरमी क्यों रखी, इस मामले की जांच की जाएगी।
डीएसपी बुढलाडा पर धमकाने का आरोप, दिया धरना
बेटे के कातिलों को गिरफ्तार न करने पर किसान ने जान दी
- फोटो : अमर उजाला
विवाह समागम में हुए झगड़े के बाद 27 अगस्त को गांव धर्मपुरा की नहर पर कुछ लोगों ने तरसेम सिंह के बेटे दलजीत सिंह (22) का कत्ल कर दिया था। बरेटा पुलिस ने मामले में लीला सिंह सेक्रेटरी, गुरप्यार सिंह, विक्की सिंह और सतगुर सिंह को गिरफ्तार करके बूटा सिंह, सतनाम सिंह और अवतार सिंह वासी धर्मपुरा के खिलाफ मामला दर्ज किया था। चार आरोपियों को जेल भेजने के बाद बाकी तीन आरोपियों को गिरफ्तार नहीं किया गया।
तरसेम सिंह के साले मलकीत सिंह वासी बलरा जाखल ने बताया कि वह कई बार इस संबंध में डीएसपी बुढलाडा लखविंदर सिंह से मिले और कातिलों की गिरफ्तारी की मांग की, लेकिन इस केस में झूठे नाम लिखवाने की बात कह कर उन पर ही मामला दर्ज करने की धमकी दी जाने लगी।
इससे उसके जीजा तरसेम सिंह परेशान रहते थे। इसी के चलते शुक्रवार को तरसेम सिंह ने अपने घर में जहर निगल लिया। उन्हें फतेहाबाद के टोहाना के अस्पताल में ले जाया गया। फिर वहां से बरवाला अस्पताल में दाखिल करवाया गया जहां उनकी मौत हो गई।