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Chandigarh News: पंजाब में बनेगी डिजिटल ओपन यूनिवर्सिटी, लहरागागा में बनेगा मेडिकल कॉलेज

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-सरकार ने दी पंजाब प्राइवेट डिजिटल ओपन यूनिवर्सिटी पॉलिसी-2026 को मंजूरी
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-सरकारी टेक्निकल संस्थानों में समायोजित किए जाएंगे बंद हो चुके इंस्टीट्यूट के 93 शिक्षक
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अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़। पंजाब मंत्रिमंडल की शुक्रवार को हुई बैठक में कई महत्वपूर्ण फैसले लिए गए। इनमें पंजाब प्राइवेट डिजिटल ओपन यूनिवर्सिटी पॉलिसी-2026 को मंजूरी देने के साथ-साथ लहरागागा में मेडिकल कॉलेज स्थापित करने और हाउसिंग एंड अर्बन डेवलपमेंट विभाग के बकायदारों के लिए वन टाइम सेटलमेंट (ओटीएस) की तारीख बढ़ाने के प्रस्तावों पर मुहर लगी। इन फैसलों का उद्देश्य राज्य में शिक्षा, स्वास्थ्य और सरकारी सेवाओं को और अधिक सुलभ और पारदर्शी बनाना है।
राज्य में डिजिटल ओपन यूनिवर्सिटी की स्थापना के लिए पंजाब सरकार ने पंजाब प्राइवेट डिजिटल ओपन यूनिवर्सिटी पॉलिसी-2026 को मंजूरी दे दी है। यह पॉलिसी यूजीसी नियमावली-2020 के अनुरूप होगी और इसका मकसद राज्य के छात्रों को बेहतर ऑनलाइन और ओपन डिस्टेंस लर्निंग (ओडीएल) प्रोग्राम उपलब्ध कराना है। सरकार का कहना है कि इससे राज्य को एक डिजिटल लर्निंग हब के रूप में स्थापित किया जाएगा, जो छात्रों को कम लागत पर उच्च गुणवत्ता वाली शिक्षा प्रदान करेगा और उनके रोजगार के अवसरों को बढ़ावा देगा।
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कैबिनेट ने बाबा हीरा सिंह भट्टल टेक्निकल कॉलेज लहरागागा में मौजूद 19 एकड़ 4 कनाल जमीन को जैन समाज को 66 साल के लिए लीज पर देने का फैसला किया। इस पर माइनॉरिटी मेडिकल कॉलेज बनेगा, जिसमें 50 फीसदी सीटें सरकार के लिए और 50 फीसदी सीटें जैन ट्रस्ट के लिए निर्धारित होंगी। मेडिकल कॉलेज में 220 बेड का अस्पताल और 50 एमबीबीएस सीटें होंगी। 8 साल में बेड की संख्या बढ़ाकर 400 और एमबीबीएस सीटों की संख्या 100 करने का लक्ष्य रखा गया है।
इस बैठक में लिए गए फैसले राज्य की शिक्षा, स्वास्थ्य और सार्वजनिक सेवाओं में सुधार लाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम हैं। ये फैसले पंजाब को आधुनिक और प्रौद्योगिकियों से सुसज्जित राज्य बनाने की ओर अग्रसर करेंगे।
गमाडा की संपत्तियों की कीमतों में 22.5% कमी
राज्य सरकार ने गमाडा की विभिन्न संपत्तियों के रिजर्व प्राइस में 22.5% तक कमी करने का फैसला किया। यह फैसला एक विशेष सलाहकार कमेटी की रिपोर्ट के आधार पर लिया गया। इसके तहत रिजर्व प्राइस तय करने के लिए तीन स्वतंत्र मूल्यांकनकर्ताओं को नियुक्त किया जाएगा। इस कदम से ऐसे कई सरकारी प्लॉट्स जो पिछले दो या अधिक ऑक्शन्स में नहीं बिक पाए, अब बिकने की संभावना बढ़ेगी, जिससे सरकार को करोड़ों रुपये का राजस्व प्राप्त हो सकता है।
लुधियाना से रोपड़ हाईवे परियोजना को मिलेगा गति
कैबिनेट ने नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया (एनएचएआई) को सतलुज नदी से रेत निकालने की मंजूरी दी है। यह रेत लुधियाना से रोपड़ तक सड़क परियोजना के लिए आवश्यक मिट्टी की आपूर्ति के लिए इस्तेमाल होगी। इस अनुमति के तहत, 30 जून तक सतलुज नदी से रेत निकाली जाएगी ताकि परियोजना में कोई देरी न हो और यह समय पर पूरी हो सके।
93 अध्यापक होंगे समायोजित
पूर्व में बंद बाबा हीरा सिंह भट्ठल इंस्टीट्यूट ऑफ इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी के 93 शिक्षकों को अब सरकारी तकनीकी संस्थानों में समायोजित किया जाएगा। यह इंस्टीट्यूट पिछली सरकारों के दौरान छात्रों की संख्या में कमी के कारण बंद कर दिया गया था। इन शिक्षकों को अब सरकारी संस्थानों में कार्यरत किया जाएगा, जिससे उनका भविष्य सुरक्षित होगा।
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बकायदारों को राहत: 31 मार्च तक बढ़ी ओटीएस तिथि
हाउसिंग एंड अर्बन डेवलपमेंट डिपार्टमेंट की विभिन्न स्कीमों के तहत बकायदारों को बड़ी राहत देते हुए, वन टाइम सेटलमेंट (OTS) की तारीख को 31 मार्च तक बढ़ा दिया गया है। इसके तहत, बकायदार अब 31 मार्च 2024 तक अपने बकाए का भुगतान करके सेटलमेंट कर सकते हैं।
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