फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Chandigarh News: आंखों के इलाज पर भीड़ का पहरा

विज्ञापन
विज्ञापन
चंडीगढ़। पीजीआई के एडवांस आई सेंटर में चल रहा रिनोवेशन मरीजों के लिए परेशानी का सबब बन गया है। दूसरी मंजिल पर काम के चलते ग्राउंड फ्लोर पर फ्लेक्स लगाकर अस्थायी ओपीडी बनाई गई है, जबकि तीसरी मंजिल की ओपीडी में मरीजों की भीड़ बढ़ गई है। इलाज के लिए पहुंचे मरीजों और उनके परिजनों को अपनी बारी के लिए काफी देर इंतजार करना पड़ा। ओपीडी के बाहर भीड़ के बीच आगे बढ़ने और डॉक्टर तक पहुंचने के दौरान धक्का-मुक्की जैसी स्थिति भी बनी रही।
विज्ञापन

बच्चों को गोद में लेकर पहुंचे परिजन और बुजुर्ग मरीज भीड़ के बीच अपनी बारी का इंतजार करते नजर आए। कई मरीजों के साथ एक से ज्यादा परिजन होने के कारण ओपीडी के आसपास भीड़ और बढ़ गई। रिनोवेशन के चलते बदली व्यवस्था का असर मरीजों की आवाजाही पर साफ दिखाई दिया।
बच्चे को लेकर आए, भीड़ में संभालना मुश्किल
बच्चे की आंख दिखाने पहुंचे एक परिजन ने बताया कि सुबह ही अस्पताल पहुंच गए थे, लेकिन भीड़ इतनी है कि बच्चे को लेकर एक जगह खड़ा रहना भी मुश्किल हो रहा है। इलाज के लिए आए हैं, लेकिन व्यवस्था समझने और अपनी बारी तक पहुंचने में ही परेशानी हो रही है। वहीं, बुजुर्ग मरीज के साथ आए परिजन ने कहा कि रिनोवेशन जरूरी है, लेकिन मरीजों के लिए रास्ते और बैठने की व्यवस्था बेहतर होनी चाहिए। बुजुर्ग को लेकर आए हैं और भीड़ में बार-बार ऊपर-नीचे जाना और लंबे समय तक इंतजार करना मुश्किल है।
विज्ञापन

अस्थायी ओपीडी से बदल गई पूरी आवाजाही
रिनोवेशन के कारण आई सेंटर की सामान्य ओपीडी व्यवस्था प्रभावित हुई है। मरीजों को अस्थायी ओपीडी और दूसरी मंजिलों के बीच जाना पड़ रहा है। गंभीर आंखों की समस्या से जूझ रहे मरीजों के लिए भीड़ के बीच बार-बार जगह बदलना और अपनी बारी का इंतजार करना अतिरिक्त परेशानी बन रहा है।
तीन महीने पहले भी प्रभावित रही थी व्यवस्था
इससे पहले ओटी फ्लोर के रिनोवेशन के कारण करीब तीन महीने तक आई सेंटर की व्यवस्था प्रभावित रही थी। अब दोबारा रिनोवेशन के चलते ओपीडी व्यवस्था बदली गई है। मरीजों का कहना है कि निर्माण कार्य जरूरी है, लेकिन काम के दौरान मरीजों की सुविधा के लिए बेहतर वैकल्पिक व्यवस्था की जानी चाहिए।
पीजीआई प्रशासन मौन
मरीजों की परेशानी को लेकर पीजीआई प्रशासन का पक्ष जानने के लिए निदेशक प्रो. विवेक लाल और डीडीए पंकज राय से संपर्क किया गया। पूछे जाने के बावजूद दोनों की ओर से कोई जवाब नहीं मिला।
विज्ञापन

विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें