लुधियाना में बुधवार को जिला ब्लैक फंगस के चार नए केस मिले हैं। इसमें तीन जिला लुधियाना से संबंधित हैं, जबकि एक अन्य जिले से है। अभी तक जिले में कुल 82 ब्लैक फंगस के केस मिल चुके हैं। इनमें 36 मामले लुधियाना के हैं। 46 केस अन्य जिलों के हैं। ब्लैक फंगस के कारण अभी तक नौ लोगों की मौत हो चुकी है। इसमें दो मृतक लुधियाना और बाकी सात अन्य जिलों से के हैं।
गौरतलब है कि अभी तक ब्लैक फंगस के सबसे ज्यादा केस डीएमसी अस्पताल में मिले हैं। यहां पर 33 ब्लैक फंगस के मामले मिल चुके हैं। इसके अलावा सीएमसी अस्पताल में 16, दीप अस्पताल में 15, एसपीएस अस्पताल से 11, ओसवाल अस्पताल से तीन, फोर्टिस से एक, ग्रेवाल अस्पताल से एक, दीपक अस्पताल से एक और सिविल अस्पताल में एक ब्लैक फंगस का केस मिला है।
अस्पतालों में अब गैर जरूरी सर्जरी भी हो सकेंगी
पंजाब के निजी और सरकारी अस्पतालों में अब गैर जरूरी सर्जरी की भी अनुमति सरकार ने दे दी है। पंजाब सरकार की ओर से जारी निर्देशों में यह भी कहा गया है कि राज्य के सभी प्राइवेट अस्पतालों को कोरोना इलाज में आने वाले खर्चे की रेट लिस्ट लगानी अनिवार्य होगी।
स्वास्थ्य मंत्री बलबीर सिंह सिद्धू ने जिलों के सभी सिविल सर्जनों को निर्देशों का पालन कराने के लिए कहा है। सिद्धू ने बताया कि कोई भी प्राइवेट अस्पताल नोटिफाइड उपचार खर्चों से अधिक पैसे नहीं वसूल सकता और अगर कोई सरकार द्वारा नोटिफाई उपचार खर्च से अधिक पैसे वसूलता है तो डिप्टी कमिश्नर या सिविल सर्जन के पास इसकी शिकायत दर्ज करवाई जा सकती है।
उन्होंने बताया कि कोरोना के मामले लगातार घट रहे हैं, जिसको देखते हुए अब स्वास्थ्य और परिवार कल्याण विभाग ने सभी सरकारी और प्राइवेट अस्पतालों में गैर-जरूरी सर्जरी की आज्ञा दे दी है। आम लोगों की भलाई के लिए स्वास्थ्य विभाग ने सभी सरकारी अस्पतालों में ओपीडी सेवाओं को पूरी तरह बहाल करने का फैसला किया है।