सर्जिकल स्ट्राइक के चलते हाईअलर्ट के बाद सुरक्षित ठिकानों की ओर जाते लोग
भारत-पाक सीमा पर बढ़ते तनाव के चलते पंजाब के छह जिलों के 987 गांवों के लोगों को बेघर होना पड़ेगा। संवेदनशील परिस्थितियों के मद्देनजर सरकार ने पूरी मशीनरी झोंक दी है। सीएम और डिप्टी सीएम खुद हालात पर नजर रखे हुए हैं।
वीरवार शाम कैबिनेट की आपात बैठक के बाद पंजाब भवन में पत्रकारों से बातचीत करते हुए सीएम प्रकाश सिंह बादल ने कहा कि सरकारी मशीनरी को किसी भी हालात से निपटने को तैयार कर दिया गया है।
केंद्र सरकार ने राज्य सरकार को छह जिलों में अंतरराष्ट्रीय सीमा के दस किलोमीटर के दायरे में सारा इलाका खाली कराने को कहा है। सर्जिकल स्ट्राइक के बाद सीमा पार से कार्रवाई की आशंकाएं जताई गई हैं, इसलिए नागरिकों की सुरक्षा के लिए कदम उठाने जरूरी हैं।
अतिरिक्त मुख्य सचिव ऑपरेशन की मॉनिटरिंग करेंगे
सर्जिकल स्ट्राइक के चलते हाईअलर्ट के बाद सुरक्षित ठिकानों की ओर जाते लोग
- फोटो : अमर उजाला
अतिरिक्त मुख्य सचिव (गृह) और डीजीपी लॉ एंड ऑर्डर अमृतसर में कैंप करेंगे और इलाका खाली कराने के ऑपरेशन की मॉनिटरिंग करेंगे। छह जिलों में एक-एक सीनियर आईएएस को तैनात किया गया है, जो तालमेल कर ऑपरेशन पर नजर रखेंगे।
आर वेंकटरतनम को फिरोजपुर, ए वेणुप्रसाद को फाजिल्का, एसआर लद्दड़ को पठानकोट, विवेक प्रताप सिंह को गुरदासपुर, केएस पन्नू को अमृतसर, एचएस नंदा को तरनतारन की जिम्मेदारी सौंपी गई है। बादल ने कहा कि उन्होंने इन इलाकों के विधायकों और मंत्रियों से निजी तौर पर फोन पर बात की है। उन्हें कहा है कि वे हलकों में रहें और लोगों के स्थानांतरण में सहयोग करें।
बादल ने कहा कि फाजिल्का के साठ, फिरोजपुर के तीन सौ, तरनतारन के 135, अमृतसर के 137, गुरदासपुर के 290, पठानकोट के 65 गांवों के लोग प्रभावित होंगे। लोग खुद ही अपने रिश्तेदारों और दोस्तों के पास जा रहे हैं।
इसके अलावा स्कूल, कम्यूनिटी सेंटर, मैरिज पैलेस व अन्य जगहों पर इवैक्युएशन कैंप बनाए गए हैं। बादल ने कहा कि शिफ्ट किए जा रहे लोगों के लिए लंगर, सेहत सुविधाओं, पीने के पानी, टॉयलेट, जेनरेटर, पशुओं के चारे के साथ-साथ उनके घरों की सुरक्षा का पूरा इंतजाम किया गया है।