पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने 9455 जेबीटी शिक्षकों को राहत देते हुए बड़ा फरमान सुनाया है। वहीं भर्ती को चुनौती देने वाली याचिका पर सुनवाई के दौरान कई दलीलें दी गईं। हाईकोर्ट ने नियुक्ति पर लगी रोक हटाने के आदेश दिए हैं। बहस के दौरान प्रतिवादी पक्ष ने कोर्ट से कहा था कि याचिका दाखिल करने वाले मेवात के 59 और बाकी हरियाणा के 293 आवेदक हैं। इन पदों के कारण पूरी भर्ती रोकना ठीक नहीं है।
हाईकोर्ट ने इस अपील को स्वीकार करते हुए मेवात के 59 और बाकी हरियाणा के 293 पद खाली रख बाकी सभी पदों को नियमों के अनुरूप भरने के आदेश दे दिए हैं। इस मामले में हिसार निवासी जोगेंद्र सिंह व अन्य ने हाईकोर्ट में याचिका दायर कर बताया था कि 9455 जेबीटी भर्ती में उनका चयन हो गया था। हरियाणा सरकार ने उनका जिला भी अलॉट कर दिया था। लेकिन अंगूठा जांच में दर्जनों जेबीटी टीचरों को मधुबन एफएसएल की तकनीकी जांच की रिपोर्ट में अयोग्य करार दे दिया गया।
इसके बाद सरकार ने उनको नियुक्ति देने से मना कर दिया। बहस के दौरान कोर्ट को बताया गया था कि मधुबन एफएसएल ने अपनी तकनीकी जांच में मेवात कैडऱ के 59 व शेष राज्य के 293 टीचरों को अयोग्य करार दिया। लेकिन जांच रिपोर्ट में कुछ साफ जानकारी नही दी गई। याचिकाकर्ता ने कोर्ट से आग्रह किया कि उनके सभी दस्तावेज सही हैं और केवल बिना किसी आधार पर केवल अयोग्य करार लिखने से उनकी नियुक्ति नहीं रोकी जा सकती।
इस पर हाईकोर्ट ने टीचरों की नियुक्ति पर रोक के आदेश जारी कर दिए थे। इन आदेशों के चलते भर्ती रुकने पर अर्जी के माध्यम से अपील की गई कि इन पदों को छोड़कर बाकी को भरने की अनुमति दी जाए। हाईकोर्ट ने इसे मंजूर करते हुए भर्ती का रास्ता खोल दिया।