कुलपति की सहायता के लिए प्रॉक्टर की नियुक्ति होगी। विवि की ओर से कॉलेजों, स्कूलों और संस्थानों को मान्यता दी जाएगी। वीसी का कार्यकाल तीन साल व 65 वर्ष की आयु से अधिक नहीं होगा। एक व्यक्ति अधिकतम दो बार ही वीसी बन सकेगा।
दूसरे राज्यों में भी दूरस्थ कैंपस, अध्ययन केंद्र खोल सकेगा विवि
खेल मंत्री संदीप सिंह ने विधेयक पेश किया। कांग्रेस विधायक गीता भुक्कल ने कुछ शंकाएं प्रकट कीं, जिन्हें मंत्री ने दूर कर दिया। संदीप सिंह ने बताया कि विवि राज्य में अन्य स्थानों पर दूरस्थ कैंपस, कॉलेज, क्षेत्रीय और अध्ययन केंद्र खोल सकेगा। राज्य से बाहर दूरस्थ कैंपस व अध्ययन केंद्र खोलने के लिए सरकार की अनुमति लेनी होगी।
विवि के द्वार सभी जातियों, धर्मों, मूलवंशों व वर्गों के लिए खुले रहेंगे। कुलपति की नियुक्ति के लिए पांच सदस्यीय सर्च समिति गठित होगी, जिसमें विवि से जुड़ा कोई व्यक्ति नहीं होगा। खेल के क्षेत्र में प्रख्यात व्यक्ति को ही कुलपति बनाया जाएगा। वह खुद खिलाड़ी, खेल प्रशासक व शिक्षक रहा हो। विवि में बीस सदस्यीय छात्र परिषद भी होगी।
विवि ये गतिविधियां भी होंगी
- अंतरराष्ट्रीय पद्वतियों को अपनाकर खेलकूद विज्ञान, प्रौद्योगिकी, प्रबंधन और कोचिंग के क्षेत्रों में शिक्षा को बढ़ावा दिया जाएगा
- शारीरिक शिक्षा और खेलकूद विज्ञान के क्षेत्र में उच्च अध्ययन के संस्थान के रूप में विवि को विकसित करना
- शारीरिक विद्या और खेलकूद विज्ञान के विभिन्न क्षेत्रों में विशेष रूप से डिजाइन शैक्षणिक व प्रशिक्षण कार्यक्रम लागू करना
- खेल के क्षेत्र में अनुसंधान, विकास व ज्ञान के प्रसार की व्यवस्था
- शारीरिक विद्या एवं खेलकूद प्रशिक्षण कार्यक्रमों को सुदृढ़ किया जाएगा
- प्रशिक्षण एवं अनुसंधान के प्रयोजन के लिए खेलकूद अकादमियों, विद्यापीठों, महाविद्यालयों, खेलकूद व मनोरंजन क्लबों और अंतरराष्ट्रीय परिसंघों के साथ संयोजन स्थापित करेंगे
- पेशेवर खिलाड़ी तैयार किए जाएंगे, प्रतिभाशाली एथलीट्स को प्रशिक्षित करेंगे
- राज्य व भारत को खेलकूद शक्ति बनाने का लक्ष्य
- खेल चिकित्सा, खेलकूद अवसंरचना अभियांत्रिकी, काइनिजियोलोजी, नैदानिक जैव यांत्रिकी, खेलकूद मनोविज्ञान, खेलकूद पोषण, पुनर्वासन व भौतिक चिकित्सा, खेलकूद पत्रकारिता, खेलकूद मार्केटिंग व खेल कोचिंग पाठ्यक्रमों की योजना बनाई जाएगी
- अंतरराष्ट्रीय खेलकूद परिसंघों, राष्ट्रीय खेलकूद परिसंघों, भारतीय ओलंपिक संघ व भारतीय विश्वविद्यालय संघ से समन्वय कर खिलाड़ियों को खेलों में भाग लेने के अवसर प्रदान कराए जाएंगे
सीवन में बनेगा बस अड्डा
परिवहन मंत्री मूल चंद शर्मा ने बताया कि गुहला विधानसभा क्षेत्र के कस्बा सीवन में बस अड्डे का निर्माण किया जाएगा। सदन में गुहला चीका के विधायक ईश्वर सिंह के सवाल पर मंत्री ने बताया कि नगर समिति सीवन की जो भूमि बस अड्डे के निर्माण के लिए सुझाई गई थी, वह अतिक्रमण के कारण उपयुक्त नहीं पाई गई। किसी अन्य स्थान पर उपयुक्त जमीन मिलने पर बस अड्डे का निर्माण किया जाएगा।
पलवल में तीन माह में नागरिक अस्पताल निर्माण होगा शुरू
जिला पलवल के हसनपुर के नागरिक अस्पताल का निर्माण कार्य तीन माह में आरंभ होने की संभावना है। हरियाणा के स्वास्थ्य मंत्री अनिल विज की ओर से शहरी स्थानीय निकाय मंत्री डॉ कमल गुप्ता ने सदन में यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि मौजूदा भवन को पीडब्ल्यूडी (बी एंड आर) द्वारा कंडम घोषित किया गया है और 5 मई, 2021 को नए सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र भवन के निर्माण के लिए 885.20 लाख रुपये की प्रशासनिक स्वीकृति प्रदान की गई है।
31 मार्च तक बनेगा ढाणी में बूस्टिंग स्टेशन
हरियाणा के सहकारिता मंत्री डॉ बनवारी लाल ने विधानसभा में एक प्रश्न का उत्तर देते हुए बताया कि जिला भिवानी के ढाणी जंगा में पेयजल आपूर्ति के लिए एक बूस्टिंग स्टेशन निर्माणाधीन है और 31 मार्च 22 तक पूर्ण होने की संभावना है।
जिनकी आय 1.80 लाख सालाना, उन परिवारों के बच्चों से मॉडल स्कूलों में नहीं ली जाएगी फीस
राजकीय मॉडल संस्कृति वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालयों में पढ़ने वाले विद्यार्थियों, जिनके परिवारों की वार्षिक आय 1 लाख 80 हजार रुपये तक है, उन परिवारों के बच्चों से फीस नहीं ली जाएगी। यह जानकारी शिक्षा मंत्री कंवर गुर्जर ने एक सवाल के जवाब में सदन में दी। उन्होंने बताया कि इन विद्यालयों के शिक्षकों के सभी नॉन-कॉर पद है, उम्मीदवारों को उचित स्क्रीनिंग टेस्ट जो सेंटा द्वारा ली जाती है, से भरा जाता है अन्य पदों को भरने के लिए विभाग द्वारा स्थापित प्रणाली से भरने की प्रक्रिया चल रही है।
उन्होंने बताया कि हेडमास्टर से प्रिसिंपल के पदों से संबंधित मामला वित्त विभाग को भेजा जा चुका है। टीजीटी से पीजीटी की पदोन्नति के लिए बैठक हो चुकी और जल्द ही यह पदोन्नति हो जायेगी। शिक्षा मंत्री ने बताया कि वित्त वर्ष 2022-23 में 500 राजकीय मॉडल संस्कृति विद्यालयों के खुलने से हर 5-7 किलोमीटर के दायरे में यह स्कूल होगा जिससे गरीब से गरीब परिवार के प्रत्येक बच्चे को गुणवत्तापरक शिक्षा प्राप्त हो सकेगी। 3-5 वर्ष के बच्चों के लिए प्रदेष में 4000 प्ले स्कूल खोलने का निर्णय लिया गया है।