पूर्व शिक्षा सचिव बीएल शर्मा ने बताया कि पिछले वर्ष हमने सरकारी स्कूलों में 11वीं दाखिले में 80-85 प्रतिशत कोटा रखने को लेकर बैठक की थी। लेकिन ज्यादातर शिक्षा अधिकारियों का मत था कि बाहरी राज्यों और शहरों के टॉपर्स को दाखिला देने पर सरकारी स्कूलों की 12वीं मेरिट अच्छी रहेगी।
वहीं अगर हम सरकारी स्कूलों में ही पढ़े हुए बच्चों को दाखिला देंगे तो रिजल्ट में ज्यादा सुधार नहीं होगा। क्योंकि सरकारी स्कूल वाले विद्यार्थियों की परफॉरमेंस टॉपर्स के मुकाबले कमजोर रहती है। इसके अलावा बैठक में किसी अधिकारी ने बताया था कि दाखिले के दौरान अंत तक वैसे भी 80 प्रतिशत तक शहर के विद्यार्थियों को सीट मिल जाती है। इसलिए हमने इस प्रपोजल को आगे नहीं बढ़ाया।
आज ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन का अंतिम दिन
शहर के 20 सरकारी स्कूलों में कॉमर्स, साइंस, आर्ट्स और वोकेशनल कोर्सेज में दाखिले के लिए रजिस्ट्रेशन और फॉर्म जमा करने का सोमवार आखिरी दिन है। सोमवार शाम तक विद्यार्थी दाखिले के लिए अप्लाई करके ऑनलाइन फॉर्म जमा कर सकते हैं। इसके बाद शिक्षा विभाग की तरफ से ऑनलाइन फॉर्म नहीं लिए जाएंगे। शिक्षा विभाग से मिली जानकारी के अनुसार रविवार शाम तक 12,500 सीटों के लिए 17,740 रजिस्ट्रेशन हुए। कुल 14,538 फॉर्म जमा हुए और 15,340 ऑनलाइन पेमेंट की गई।
इस वर्ष हम सरकारी स्कूलों में दाखिले को लेकर कोई बदलाव नहीं कर रहे हैं। अभी तक दाखिले को लेकर अच्छा रिस्पॉन्स मिल रहा है। - रूबिन्दरजीत सिंह बराड़, शिक्षा निदेशक, यूटी