चंडीगढ़। लावारिस कुत्तों और जंगली जानवरों के काटने या उनकी वजह से होने वाले हादसों पर चंडीगढ़ में मुआवजा देने की प्रक्रिया शुरू हो गई है। हाल ही में नगर निगम ने दो पीड़ितों को पांच लाख 30 हजार रुपये जारी किए थे। अब फिर 81 पीड़ितों को मुआवजा दिया जाएगा। पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट के आदेश पर बनी सब कमेटी ने 81 पीड़ितों को मुआवजा देने की सिफारिश की है। 35 अन्य मामले भी आए हैं, जिन्हें सब-कमेटी को भेजा गया है ताकि उनका सत्यापन किया जा सके।
पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट के आदेश पर कुत्ते और नीलगाय सहित अन्य जंगली जानवरों के काटने पर मुआवजा देने के लिए डीसी की अध्यक्षता में कमेटी बनी है। कमेटी में नगर निगम, स्वास्थ्य विभाग, वन विभाग समेत कई अन्य विभागों के अधिकारी भी शामिल हैं। मामलों को तेजी से निपटाने के लिए पूर्व डीसी ने एक सब-कमेटी का भी गठन किया था। इसकी बुधवार को बैठक हुई, जिसमें 116 मामलों पर विचार किया गया। प्रशासन के एक अधिकारी ने बताया कि जिन 81 पीड़ितों को मुआवजा दिया जाएगा। ये शहर के विभिन्न सेक्टरों, गांव व काॅलोनियों के हैं। इन्हें दो जुलाई के बाद कुत्तों ने काटा है, जिसके बाद पीड़ितों ने एमओएच विंग में मुआवजे के लिए आवेदन किया था। विंग के पास कई आवेदन ऐसे भी हैं, जिन्हें दो जुलाई से पहले कुत्तों ने काटा है। उन पर विचार चल रहा है।
किसी भी सदस्य के दफ्तर में आवेदन आए तो डीसी ऑफिस-निगम को भेजें : निशांत कुमार यादव
डीसी निशांत कुमार यादव ने सभी अधिकारियों को निर्देश दिया है कि यदि उनके कार्यालयों में मुआवजे के लिए कोई मामला आता है तो उसे डीसी कार्यालय या नगर निगम को भेजा जा सकता है ताकि इसे भी ऐसे मामलों की सूची में शामिल किया जा सके और निर्णय के लिए समिति के समक्ष रखा जा सके। मृत्यु के मामले में दस्तावेज के रूप में मृत्यु प्रमाण पत्र की कॉपी, एफआईआर/डीडीआर की कॉपी जरूरी है। इसके अलावा स्थायी विकलांगता के मामले में डीडीआर, चिकित्सा प्रमाण पत्र, अस्पताल से छुट्टी का सारांश आदि की कॉपी आवश्यक है।
जंगली जानवर की वजह से हादसे में हुई थी मृत्यु, निगम ने दिए पांच लाख
नगर निगम दो मामलों में मुआवजा भी जारी कर चुका है। एक व्यक्ति की मौत जंगली जानवर की वजह से हादसे में हुई थी। इस केस में हाईकोर्ट द्वारा तय की गई राशि के अनुसार ही पांच लाख रुपये का मुआवजा जारी किया गया है। दूसरे केस में एक ही व्यक्ति को तीन बार कुत्ते ने काटा था। प्रति दांत के अनुसार कुल 30 हजार रुपये का मुआवजा जारी किया गया है। बता दें कि नगर निगम ने वित्त वर्ष 2024-25 के लिए अपने बजट में 20 लाख रुपये का प्रावधान किया है जो कुत्तों के काटने या उसकी वजह से हुए हादसों में मुआवजा देने के लिए जारी किया जा रहा है।
प्रत्येक दांत के निशान के लिए 10,000 रुपये का मुआवजा
हाईकोर्ट के फैसले के अनुसार मृत्यु पर पांच लाख, स्थायी अक्षमता के मामले में मुआवजे की राशि दो लाख और चोट के मामले में मुआवजे की राशि अधिकतम दो लाख होगी। वहीं, कुत्ते के काटने पर प्रत्येक दांत के निशान के लिए 10,000 रुपये का मुआवजा दिया जाएगा। ऐसे मामलों में जहां त्वचा से 0.2 सेमी तक मांस बाहर निकल जाता है, प्रति घटना 10,000 रुपये दिए जाएंगे।