पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट बार एसोसिएशन चुनाव में इस साल 800 से अधिक वकील वोट नहीं डाल सकेंगे। हाईकोर्ट ने ऐसे नए सदस्यों के वोटिंग पर रोक लगा दी है, जिनकी बार एसोसिएशन ने फीस माफ कर दी थी। इनकी सदस्यता का मामला हाईकोर्ट में जारी रहेगा। हाईकोर्ट बार एसोसिएशन के पांच हजार से भी ज्यादा सदस्य हैं।
कोर्ट ने चुनाव प्रक्रिया से रोक हटाते हुए आठ मई तक चुनाव कराने के आदेश दिए हैं। बार एसोसिएशन के अध्यक्ष पद के उम्मीदवार एडवोकेट रंजन लखनपाल ने याचिका दायर कर आरोप लगाया था कि चुनाव से ठीक पहले वोट बनाए गए हैं। इनमें कई ऐसे हैं, जो कभी अदालत में पेश ही नहीं हुए।
उधर, सुप्रीम कोर्ट का आदेश है कि हाईकोर्ट बार एसोसिएशन की सदस्यता का वहीं हकदार है, जो कम से कम पांच बार बेंच के समक्ष पेश हुआ हो। सदस्यता हासिल करने वालों को पिछले साल भी फीस में छूट दी गई थी और अब 276 और सदस्यों को फीस में छूट दे दी गई है। चुनाव से पहले ऐसे वोट बनने को फर्जी बताते हुए वोट बनाने की प्रक्रिया सुप्रीम कोर्ट के आदेश के मुताबिक अपनाए जाने की मांग की गई थी।
मई 2104 से 23 अप्रैल 2015 तक बने सदस्य नहीं ले सकेंगे हिस्सा
चुनाव के लिए नामांकन पत्र दाखिल हो चुके थे। ठीक उसी दिन जस्टिस एजी मसीह ने याचिका पर सुनवाई करते हुए चुनाव प्रक्रिया पर रोक लगा दी थी। जस्टिस ने बार एसोसिएशन से नए सदस्य बनाने का रिकार्ड तलब किया था।
बुधवार को सुनवाई के दौरान सभी पक्षों की बहस के बाद आखिर बेंच ने एक मई 2104 से 23 अप्रैल 2015 तक बने ऐसे सभी सदस्यों के इस वर्ष चुनाव में भाग लेने पर रोक लगा दी है, जिनकी फीस माफ की गई थी। सूत्रों के मुताबिक ऐसे सदस्यों की संख्या 800 से अधिक है।
हाईकोर्ट ने कहा है कि इन सदस्यों को निकाल कर सूची तैयार की जाए। इस सूची पर 29 अप्रैल तक आपत्तियां मांगी जाएं और सभी आपत्तियां दूर कर 30 अप्रैल को शुद्ध सूची वेबसाइट पर डाली जाए। इसी सूची के आधार पर आठ मई तक चुनाव कराया जाए।
हाईकोर्ट का आदेश अभी नहीं मिला: ग्रेवाल
चुनाव कमेटी के पदाधिकारी एडवोकेट संतोखविंद्र सिंह ग्रेवाल (नाभा) ने बताया कि अभी हाईकोर्ट का आदेश प्राप्त नहीं हुआ है। लिहाजा, बुधवार को चुनाव की सही तिथि तय नहीं की जा सकती। वीरवार को आदेश प्राप्त करने के बाद कमेटी निर्णय लेगी कि चुनाव किस तिथि को कराए जाएंगे।
गौरतलब है कि नामांकन पत्र दाखिल होने के बाद हाईकोर्ट ने चुनाव प्रक्रिया पर रोक लगा दी थी। रोक हटने के बाद अब चुनाव कमेटी आगे की प्रक्रिया शुरू करेगी। इस लिहाज से चार-पांच दिन आगे की प्रक्रिया के लिए जरूरी हैं और चुनाव आठ मई से पहले होना तय है।