अब दूरदराज के लोगों को अपने नजदीकी सेहत केंद्र पर नॉन कम्युनिकेबल डिजीज, इमरजेंसी जैसे मामलों में मदद मिल सकेगी। पंद्रह अगस्त को सेहत विभाग सूबे को 80 हेल्थ एंड वेलनेस सेंटरों का तोहफा देगा। ये शुरू करने वाला पंजाब पहला राज्य बनेगा। केंद्र सरकार के इस महत्वपूर्ण प्रोजेक्ट के तहत सब सेंटरों और प्राथमिक सेहत केंद्रों को वेलनेस सेंटरों में बदला जाएगा। वहां कई तरह की महत्वपूर्ण सेवाएं दी जाएंगी।
इसके लिए विभाग की 197 स्टाफ नर्सों को इंदिरा गांधी ओपन यूनिवर्सिटी ने छह माह की ट्रेनिंग दी है। इन नर्सों का टेस्ट हो चुका है, जल्द ही इनका रिजल्ट आ जाएगा। पास होने वाली नर्सों को कम्यूनिटी हेल्थ अफसरों के तौर पर तैनात कर दिया जाएगा। सेहत विभाग ने मार्च 2019 तक 640 सब सेंटर, सौ प्राइमरी हेल्थ सेंटर और 93 शहरी प्राइमरी हेल्थ सेंटरों को वेलनेस सेंटरों में तब्दील करने का लक्ष्य रखा है।
इसमें से से 80 सेंटर पंद्रह अगस्त से शुरू कर दिए जाएंगे। केंद्र सरकार ने राज्य में सेवाओं का आकलन करने के बाद मोगा और फिरोजपुर जिलों को इस प्रोजेक्ट में खास प्राथमिकता देने को कहा है। क्योंकि इन दोनों जिलों में सेहत सेवाएं दूसरी जगहों के मुकाबले कम हैं। सेहत विभाग पहले चरण में मोगा में तीन और फिरोजपुर में दो वेलनेस सेंटर खोलेगा।
ये सेवाएं मिलेंगी
पहले सब-सेंटरों में रिप्रोडक्टिव चाइल्ड हेल्थ की सेवाएं दी जा जाती थीं। अब इसके अलावा बारह और सेवाएं दी जाएंगी। जिनमें नॉन कम्यूनिकेबल डिसीज, मेंटल हेल्थ, आई, ईएनटी आदि शामिल हैं। स्टाफ नर्सों को इस तरह से ट्रेनिंग दी गई है कि व हाइपरटेंशन, डायबेटीज केमरीजों की मदद कर सकेंगी। इमरजेंसी की स्थिति में प्राथमिक उपचार भी दे सकेंगी।
अगला बैच तैयार
सेहत विभाग की 340 स्टाफ नर्सों का दूसरा बैच भी ट्रेनिंग केलिए तैयार है। इनका टेस्ट हो गया है और फिलहाल काउंसलिंग चल रही है। उसके बाद इंदिरा गांधी नेशनल ओपन यूनिवर्सिटी में इन्हें छह माह की ट्रेनिंग दिलाई जाएगी। जिसके बाद ये वेलनेस सेंटर में बतौर कम्यूनिटी हेल्थ ऑफिसर सेवाएं निभाएंगी।
197 स्टाफ नर्सो की ट्रेनिंग केबाद टेस्ट हो चुका है, जल्द ही रिजल्ट आ जाएगा। मार्च 2018 तक 833 हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर शुरू करने का लक्ष्य रखा गया है। जिनमें से 80 सेंटर 15 अगस्त को शुरू कर दिए जाएंगे।
- डॉ. नरेश कंसारा, डायरेक्टर, परिवार भलाई, पंजाब