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OMG! पंक्चर लगाने वाले का बिजली बिल 77 करोड़

Tue, 17 Nov 2015 02:21 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
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हरियाणा के फरीदाबाद जिले के एक बिजली उपभोक्ता की टायर पंक्चर की दुकान का बिजली बिल 77 करोड़ रुपये। बिल देखते ही उपभोक्ता के होश उड़ गए। इस मामले में फरीदाबाद में दक्षिण हरियाणा बिजली वितरण निगम (डीएचबीवीएन) के उपमंडल अधिकारी, वाणिज्यिक सहायक और लिपिक को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। निगम के प्रवक्ता ने इसकी पुष्टि की।
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फरीदाबाद के जगपाल को करीब 77 करोड़ रुपये का गलत बिजली बिल जारी किया गया था। मामले की शिकायत निगम सहित विभाग के अन्य आला अधिकारियों से की गई। प्रवक्ता ने बताया कि निगम के प्रावधानों के तहत उपभोक्ताओं को बिल जारी करने से पहले बिलों का प्री-ऑडिट जरूरी है।

अगर बिल में किसी तरह की खामी रह भी जाए तो प्री-ऑडिट के दौरान इसकी पहचान कर खामी दुरुस्त करने का प्रावधान है। फरीदाबाद का यह मामला सामने आने पर निगम प्रबंधन ने निलंबन की कार्रवाई की है। प्रबंधन की ओर से डीएचबीवीएन के एसडीओ विक्रम सिंह, सीए बैराम तथा क्लर्क प्रीतम सिंह को निलंबित किया गया है।
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टायर पंक्चर की छोटी सी दुकान चलाता है पीड़ित

आदर्श नगर कॉलोनी में स्थित सुरिंदर ऑटो वकर्स के मालिक जगपाल ने कहा कि उसके और उसके परिवार के आश्चर्य का कोई ठिकाना नहीं रहा, जब उसे 77 करोड़ 89 लाख रुपये का बिजली का बिल मिला।

दुकानदार ने कहा, मेरी दुकान किराए की है। मैं टायर का पंचर बनाता हूं। मेरा बिजली बिल (बिजली का) हमेशा 2000-2500 रुपये के बीच रहता है। एक बल्ब और एक पंखा इस्तेमाल करता हूं। पहले का सब बिल चुकाया हुआ है। नया बिल एक सदमे जैसा है।

पड़ोसियों ने बताया कि इस भारीभरकम बिल के बारे में सुनकर दुकानदार की मां बीमार पड़ गई है। बिल दक्षिण हरियाणा बिजली वितरण निगम द्वारा 31 अक्टूबर को जारी किया था। यह पहला मौका नहीं है, जब हरियाणा में किसी को इस तरह का बिल मिला है।

राज्य के सोनीपत जिले के गोहना में एक पान विक्रेता को बीते साल अक्टूबर में 132 करोड़ रुपये का बिजली बिल मिला था। इसी तरह अप्रैल 2007 में नरनौल में एक उपभोक्ता को 234 करोड़ रुपये का बिजली का बिल मिला था। संबंधित बिजली कंपनियों के अधिकारियों ने ऐसे बिल जारी होने की वजह तकनीकी और कंप्यूटर जनित गड़बडिय़ां बताई है।
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