इन कर्मचारियों का रुकेगा प्रमोशन
कार्मिक विभाग की सचिव नितिका पवार ने कहा कि संबंधित विभाग उन कर्मचारियों पर नियमों के तहत कार्रवाई कर सकता है जिन्होंने संपत्ति का ब्यौरा अब तक नहीं दिया है। उन्होंने बताया कि केंद्र के आदेश के अनुसार प्रमोशन और डेपुटेशन के लिए विजिलेंस क्लीयरेंस नहीं मिलेगा। वो कर्मचारी ट्रेनिंग प्रोग्राम, सेंसिटिव पोस्ट असाइनमेंट के लिए आवेदन नहीं कर सकेंगे। प्रशासन के एक अन्य वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि जानकारी नहीं देने वालों की पहचान कर नियमों के तहत जांच कर कार्रवाई की जाएगी। उन्हें प्रमोशन नहीं मिल पाएगा, क्योंकि उस वक्त देखा जाएगा कि इन्होंने मानव संपदा पोर्टल पर अपनी संपत्ति का ब्यौरा नहीं दिया है।
प्रशासन में भ्रष्टाचार की कई शिकायतें
प्रशासन के विभागों में भ्रष्टाचार की कई शिकायतें आ चुकी हैं। हाल ही में 12 जुलाई को प्रशासन के बिजली विभाग के जेई को सीबीआई ने बिजली मीटर कनेक्शन के एवज में 8000 रुपये की रिश्वत लेते गिरफ्तार किया था। इससे पहले 18 मई को चंडीगढ़ हाउसिंग बोर्ड के सीनियर असिस्टेंट शमशेर सिंह को दस हजार रुपये रिश्वत लेते सीबीआई ने गिरफ्तार किया था। इससे पहले भी कई कर्मचारी रिश्वत लेते हुए पकड़े जा चुके हैं। इसके अलावा अधिकारियों पर भी आय से अधिक संपत्ति होने के आरोप लगते रहते हैं इसलिए प्रशासन चाहता है कि विभिन्न विभागों में ग्रुप-ए, बी और सी के जितने भी कर्मचारी और अधिकारी हैं उनकी संपत्तियों का ब्यौरा एकत्र कर लिया जाए ताकि जरूरत पर इसे प्रस्तुत किया जा सके।