वैट से मिलने वाले रेवेन्यू में 68 प्रतिशत की गिरावट आई है। इस साल अप्रैल और मई महीने में सिर्फ 28.34 करोड़ रुपये ही वसूले गए, जबकि पिछले साल इन्हीं दो महीने में 87 करोड़ रुपये वसूले गए थे। गौरतलब है कि जीएसटी पेट्रोल और शराब को छोड़कर अन्य पर वसूला जाता है। वहीं, एक्साइज मुख्य तौर पर शराब की बिक्री में वसूला जाता है।
आर्थिक गतिविधियां बंद रहीं, इसलिए हुआ घाटा
टैक्स कलेक्शन में आई कमी को लेकर प्रशासन के वित्त विभाग के अधिकारियों ने कहा कि अप्रैल और मई महीने में सभी तरह की आर्थिक गतिविधियां बंद रहीं, जिसकी वजह से टैक्स कलेक्शन कम हुआ है। अब धीरे-धीरे सब कुछ सामान्य हो रहा है, ऐसे में आने वाले महीनों में अधिक लाभ की उम्मीद है। हालांकि, उन्होंने कहा कि इस घाटे से चंडीगढ़ प्रशासन के प्रोजेक्ट पर कोई असर नहीं पड़ेगा, क्योंकि पहले ही सभी विभागों को अपने खर्चे कम करने के आदेश जारी कर दिए थे।
अप्रैल और मई महीने में एकत्रित टैक्स की रकम
टैक्स - 2019 2020 गिरावट
- जीएसटी - 230.5 करोड़ 57 करोड़ 75 प्रतिशत
- एक्साइज - 160 करोड़ 50 करोड़ 69 प्रतिशत
- वैट - 87.54 करोड़ 28.34 करोड़ 68 प्रतिशत
- कुल - 478.4 करोड़ 135.34 करोड़ 71 प्रतिशत
लॉकडाउन से टैक्स कलेक्शन में कुछ कमी तो आई है लेकिन पूरा साल अभी बाकी है। प्रोजेक्ट पर इसका कम ही असर देखने को मिलेगा, क्योंकि प्रशासन को पैसा बजट से मिलता है। उम्मीद है कि जून महीने के टैक्स कलेक्शन में काफी बढ़ोतरी होगी। आने वाले कुछ दिनों में जून महीने के कलेक्शन की रिपोर्ट आ जाएगी। - अजॉय कुमार सिन्हा, वित्त सचिव, चंडीगढ़ प्रशासन