पंजाब यूनिवर्सिटी के हॉस्टल की पार्किंगों में बड़ी संख्या में लावारिस बाइक और स्कूटर खड़े हैं। इनमें से कई तो 15 साल पुराने तक हैं। बावजूद इसके पीयू प्रशासन और पुलिस इन वाहनों को हॉस्टल से उठाने का कोई पुख्ता प्लान नहीं बना रहे। हालांकि पीयू की ओर से इन लावारिस वाहनों की लिस्ट जरूर तैयार की गई है। हॉस्टलों में राजस्थान, दिल्ली और पंजाब नंबर के लावारिस वाहन खड़े हैं।
अमर उजाला टीम ने इन वाहनों का जायजा लिया तो इसमें यह बात सामने आई कि हर हॉस्टल में दस से ज्यादा वाहन खडे़ हैं। हास्टल नंबर दो, तीन, चार और पांच में खड़े लावारिस स्कूटर और मोटरसाइकिल में से कई तो कंडम हो चुके हैं। इसके बाद भी इन्हें नहीं हटाया जा रहा है।
किसी भी हॉस्टल में टोकन सिस्टम नहीं
पीयू के ब्वॉयज हॉस्टलों के अंदर वाहन खड़ा करने के लिए कोई टोकन सिस्टम नहीं है। टोकन सिस्टम नहीं होने के कारण यहां खड़े किए जा रहे वाहनों को लेकर स्टूडेंट्स से कभी कोई पूछताछ नहीं होती है। ऐसे में इस बात की भी आशंका है कि इन वाहनों का इस्तेमाल कोई भी आपराधिक गतिविधियों में कर सकता है। अगर ऐसा होता है तो इसकी जिम्मेदारी कौन लेगा, यह बड़ा सवाल है।
पिछले वर्ष छात्रसंघ चुनाव से पहले पीयू के चीफ सिक्योरिटी ऑफिसर और पुलिस के बीच बैठक हुई। बैठक में पीयू की ओर से पुलिस को लावारिस वाहनों की लिस्ट दी गई। इसमें पीयू में 70 स्कूटर और मोटर साइकिलों के लावारिस होने की पुष्टि हुई। ये वाहन राजस्थान, दिल्ली और पंजाब नंबर के हैं। इन वाहनों को यहां से जब्त कर ले जाने की बात हुई थी लेकिन इसके बाद यह वाहन पुलिस को नहीं दिए गए।
बिना स्टीकर गाड़ियों की हो रही धड़ल्ले से एंट्री
पीयू में छात्रसंघ चुनाव सितंबर के पहले सप्ताह में होने की संभावना है। इसके बावजूद विश्वविद्यालय की सुरक्षा व्यवस्था को पुख्ता नहीं बनाया जा रहा है। बिना स्टीकर वाले वाहन अभी भी धड़ल्ले से यूनिवर्सिटी कैंपस में घुस रहे हैं। छात्र संगठन बाहरी गाड़ियों का इस्तेमाल कर रहे हैं। इसके बाद भी इन पर कोई कार्रवाई नहीं की जा रही है।
पीयू में आउटसाइडर्स गाड़ियों की एंट्री पर बैन है लेकिन इसके लिए पुख्ता इंतजाम नहीं किए जा रहे हैं। ऐसे में छात्रसंघ चुनाव में किसी अनहोनी से इंकार नहीं किया जा सकता। चुनाव प्रचार के लिए स्टूडेंट्स गाड़ियों में बैनर और स्टीकर लेकर चल रहे है। इसके बाद भी इस पर कोई रोक नहीं लग पाई है।
हॉस्टल में खड़े लावारिस वाहनों की लिस्ट बनाई गई है। यह वाहन उन छात्रों के हैं, जो बाहर से यहां पढ़ने आए थे और पढ़ाई पूरी कर चले गए। जल्द ही इन वाहनों को ले जाने की अपील पुराने स्टूडेंट्स से की जाएगी। अगर स्टूडेंट्स इन वाहनों को नहीं ले जाएंगे तो पुलिस के साथ मीटिंग कर इन्हें पुलिस को सौंप दिया जाएगा। हम जल्द ही पुलिस के साथ मीटिंग करेंगे।
-प्रोफेसर अश्विनी कौल, चीफ सिक्योरिटी ऑफिसर, पंजाब यूनिवर्सिटी