पंजाब में कोरोना वायरस के चलते जिस एक व्यक्ति की बीते दिनों मौत हुई थी, उसके छह परिजन और एक रिश्तेदार भी इस वायरस की चपेट में आ गए हैं। सरकार की ओर से जारी बुलेटिन के अनुसार, शनिवार को 40 संदिग्ध पीड़ितों को अस्पताल में दाखिल किया गया जबकि 27 लोगों के सैंपल की जांच रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है।
स्वास्थ्य विभाग द्वारा 181 लोगों की स्क्रीनिंग की गई, जिनमें से 141 लोगों की जांच के नतीजे निगेटिव पाए गए हैं। जिन 13 लोगों के नतीजे पॉजिटिव मिले हैं, उनमें से एक इटली निवासी है, जिसे अमृतसर एयरपोर्ट पर ट्रैक करने के बाद जीएमसी अमृतसर में भर्ती कराया गया था और उसकी हालत स्थिर है।
दूसरा केस एसबीएस नगर का है, जहां 70 वर्षीय रोगी इटली से जर्मनी होते हुए दिल्ली पहुंचा था। उसकी हार्ट अटैक से मौत हुई लेकिन जांच में वह कोरोना से पीड़ित पाया गया। डॉक्टरों की कड़ी देखरेख में उसका अंतिम संस्कार किया गया था। संपर्क में आए उसके परिजनों के सैंपल लिए गए थे, जिनमें मृतक के तीन बेटे, एक बेटी, एक बहू और एक पोती के सैंपल पॉजिटिव मिले हैं।
इनके अलावा मृतक का होशियारपुर निवासी एक रिश्तेदार का सैंपल भी पॉजिटिव पाया गया है। इन सभी लोगों को अस्पताल में कड़ी निगरानी में रखा गया है जहां इनकी हालत स्थिर है। इन मामलों के अलावा, मोहाली की 69 साल की महिला और उसकी 74 वर्षीय बहन भी पॉजिटिव पाई गई है। इनके साथ इनकी एक महिला कर्मचारी भी पॉजिटिव करार दी गई है।
एक अन्य केस 42 साल के पुरुष का है जो मोहाली का रहने वाला है और 12 मार्च को लंदन से दिल्ली आया था। पॉजिटिव मिले सभी के करीबियों को भी एकांतवास और निगरानी में रखा गया है। उनके सैंपल प्रयोगशालाओं को भेजे गए हैं।
कोरोना वायरस के खिलाफ पूरा देश जंग लड़ रहा है। राजस्थान के बाद पंजाब में भी सरकार ने लॉक डाउन का आदेश दे दिया है। लॉकडाउन का आदेश देते हुए कैप्टन अमरिंदर सिंह ने कहा कि यह फैसला लोगों की सुरक्षा को ध्यान में रखकर लिया गया है। पिछले कई हफ्तों में पंजाब में विदेश से भारी संख्या में लोग पहुंचे हैं और ये सभी लोग छिप गए हैं।
सरकार के लिए विदेश से लौटे ये लोग सिरदर्द बन चुके हैं। पूरा प्रशासन इन्हें ट्रैस करने में जुटा हुआ है। सीएम कैप्टन अमरिंदर सिंह ने कहा कि आपाकालीन सेवाएं जारी रहेंगी। खाने-पीने और मेडिकल की दुकानें खुली रहेंगी। वहीं सीएम कैप्टन अमरिंदर सिंह ने यह भी कहा कि लॉकडाउन 31 मार्च के बाद भी बढ़ाया जा सकता है।
कैप्टन अमरिंदर सिंह ने निजी लैब में कोरोना वायरस की जांच की इजाजत देने के निर्णय का स्वागत किया है। उन्होंने कहा कि इस महामारी के खिलाफ लड़ाई में यह तेज और सटीक परीक्षण हथियार साबित होगा। कैप्टन ने आईसीएमआर से फरीदकोट मेडिकल कॉलेज में कोरोना वायरस के जांच के लिए एक वायरोलॉजी लैब को भी मंजूरी देने का अनुरोध किया है।
कोविड-19 महामारी पर फैलाई जा रही बेतुकी अफवाहों और फर्जी खबरों पर कड़ा संज्ञान लेते हुए पंजाब के डीजीपी दिनकर गुप्ता ने शनिवार को सख्त चेतावनी जारी करते हुए कहा है कि इस तरह के कृत्य में लिप्त पाए जाने वालों को दंडित किया जाएगा और कानून के संबंधित प्रावधानों के तहत कार्रवाई की जाएगी।
जारी एडवाइजरी में डीजीपी ने लोगों को शरारतपूर्ण और असंबद्ध सूचना फैलाने, मोबाइल फोन और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म का उपयोग करते हुए ‘क्या करें और क्या न करें’ जैसी श्रृंखला के साथ आधारहीन अफवाहें और झूठ फैलाने के खिलाफ लोगों को चेतावनी दी। उन्होंने कहा कि ये ऐसे माध्यम हैं जो हर किसी को जुड़ने और सूचित रखने में मदद करते हैं।
लोगों को फर्जी और झूठे संदेश, समाचार सिर्फ फारवर्ड या कापी पेस्ट कर भ्रम फैलाने के खिलाफ भी डीजीपी ने लोगों को चेताया। गुप्ता ने आम लोगों से यह अपील भी की कि वे दुर्भावनापूर्ण फॉरवर्ड मैसेज और सोशल मीडिया पोस्ट के माध्यम से घबराहट और अशांति न बनने दें।
डीजीपी ने यह दी सलाह
केवल सेंड फारवर्ड न करें : यदि आप स्वयं सूचना या संदेश में जानकारी के स्रोत के बारे में सुनिश्चित नहीं हैं, तो मित्रों और परिवार के लिए आगे न बढ़ें।
झूठी खबरें ना चलाएं : आप सोशल मीडिया पर पोस्ट करते हुए या व्हाट्सएप करते हुए संयम बरतें। गलत खबरें न चलाएं।
-अफवाहों पर ध्यान ना दें : जानकारी के लिए प्रामाणिक स्रोतों या सरकारी हेल्पलाइनों की मदद लें।