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0 डिग्री में बेटी का 7 मिनट का कथक डांस देखना चाहेंगे, वीडियो

Sun, 25 Oct 2015 08:03 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, पटियाला(पंजाब)
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जहां सांस लेना मुश्किल है, वहां देश की एक बेटी ने 7 मिनट तक कथक कर लिम्का बुक ऑफ रिकॉर्ड में नाम दर्ज कराया है। ये है पंजाब के पटियाला की रहने वाली श्रुति गुप्ता।
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28 साल की इस युवती ने हिमाचल प्रदेश के लाहौल स्पीति में बारालाचा के पास 17198.16 फीट (लगभग 5242 मीटर) की ऊंचाई पर 7 मिनट कत्थक किया।

इस जगह पर 0 डिग्री तापमान होता है और सांस लेना मुश्किल होता है, लेकिन श्रुति ने यह कर दिखाया। अब उसका यह रिकॉर्ड लिम्का बुक ऑफ वर्ल्ड में दर्ज होगा। श्रुति ने अपनी इस परफॉर्मेंस को 'प्रकृति निर्वाण रूपम' नाम दिया है।

श्रुति बताती हैं कि ये एक मुश्किल काम था, लेकिन इसके लिए वे 6 महीने से प्रैक्टिस कर रही थीं। श्रुति ने अपनी यह स्पेशल परफॉर्मेंस देश की रक्षा के लिए सीमा पर तैनात सेना के जवानों को समर्पित की।
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माउंट एवरेस्ट पर कथक करना है श्रुति का सपना

इस परफॉर्मेंस के साथ ही श्रुति ने बिलासपुर में बना 7217.84 फीट का रिकॉर्ड भी तोड़ दिया, लेकिन श्रुति गुप्ता (28) के हौसले बुलंद हैं।

अमर उजाला से खास बातचीत में श्रुति ने कहा कि उनका सपना माउंट एवरेस्ट की चढ़ाई करके उस पर कथक करना है। अपने इस ड्रीम प्रोजेक्ट को पूरा करने के लिए जल्द ही वह तैयारी शुरू करने जा रही हैं। हो सका तो इस प्रोजेक्ट को वह अगले साल पूरा करना चाहेंगी। श्रुति अपनी इस उपलब्धि पर काफी खुश हैं और अपने सपने को पूरा करने के लिए भी उत्साहित हैं।

श्रुति ने कहा कि वह लोग जो आज भी लड़कियों को बोझ मान कर कोख में उन्हें मरवा डालते हैं, वह समाज पर कलंक हैं। अगर वह लड़की होकर इतना कुछ कर सकती हैं, तो बाकी भी कर सकती हैं। इसलिए लड़कियों को बोझ न समझा जाए। वह अपनी तरफ से समाज को कन्या भ्रूण हत्या के खिलाफ संदेश देती हैं।
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देश भर में 300 से ज्यादा परफॉर्मेंस दे चुकी हैं

लिम्का बुक ऑफ रिकॉर्ड बनाने वाली श्रुति मूलरूप से हिमाचल प्रदेश के सोलन की हैं, लेकिन पिछले एक साल से उनका परिवार पटियाला में रह रहा है। श्रुति पंजाब यूनविर्सिटी पटियाला से कथक में मास्टर्स कर रही हैं। साथ ही वे पंडित राजेंद्र गंगानी से कत्‍थक सीख रही हैं। एमए कथक से पहले श्रुति शिमला यूनिवर्सिटी से एमए सितार कर चुकी हैं।

श्रुति अब तक देश भर में 300 से ज्यादा परफॉर्मेंस दे चुकी हैं, लेकिन कुछ अलग करने की चाहत ने उनकी इस प्रस्तुति को दुनिया भर में खास बना दिया। श्रुति ने अपनी सफलता का श्रेय पिता आरबी गुप्ता, मां परवीन गुप्ता और पति व सबसे खास अपने गुरु पंडित राजेंद्र गंगानी को दिया।

यहां देखें वीडियो

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