चंडीगढ़ में ग्राम पंचायतों के नगर निगम में शामिल होने के बाद एक सर्वे कराया गया। इसमें पता चला कि ग्राम पंचायत के पास 138.84 एकड़ भूमि है, जिसमें से 67.57 एकड़ भूमि पर लोगों का स्थायी कब्जा है। हालांकि प्रशासन की ओर से निगम को अभी 1017 कनाल भूमि स्थानांतरित की गई है। इसमें निगम ने ऐसी भूमि जहां अस्थायी कब्जा था, उसमें से 634 कनाल 16 मरले पर अपना कब्जा ले लिया है जबकि 382 कनाल 4 मरले पर कब्जा लेना शेष है। वहीं, स्थायी कब्जेधारियों के खिलाफ नगर निगम अब एसडीएम कोर्ट जा रहा है। वहां से फैसला होने के बाद निगम एफआईआर दर्ज करवाकर स्थायी कब्जा हटाएगा।
निगम के सर्वे के अनुसार, हल्लोमाजरा में ग्राम पंचायत की 24.21 एकड़ भूमि थी। इसमें से 2.95 एकड़ भूमि सरकारी कार्यों के लिए उपयोग हो रही थी, वहीं 4.16 एकड़ भूमि खाली पड़ी थी और 17.09 एकड़ भूमि पर लोगों का पक्का कब्जा था। प्रशासन की ओर से निगम को यहां 116.05 मरला 5 कनाल भूमि स्थानांतरित हुई। पक्का कब्जा होने के कारण निगम की टीम ने एक बार यहां कार्रवाई का प्रयास किया लेकिन लोगों के विरोध के कारण पीछे हटना पड़ा। अब पुलिस की मदद से निगम और एस्टेट विभाग की टीम कब्जेधारियों के खिलाफ कार्रवाई करेगी।
नगर निगम को अभी तक मलोया ग्राम पंचायत की भूमि स्थानांतरित नहीं हुई है। इस संबंध में प्रशासन का कहना है कि यहां भूमि को लेकर मामला अदालत में विचाराधीन है, इसलिए यह भूमि निगम को स्थानांतरित नहीं की जा सकती है। निगम के सर्वे के अनुसार यहां मलोया में कुल 83.94 एकड़ ग्राम पंचायत की भूमि है। इसमें से 35 एकड़ भूमि का सरकार उपयोग कर रही है। 0.51 एकड़ भूमि खाली पड़ी है, वहीं 48.42 एकड़ भूमि पर लोगों का कब्जा है।
मलोया, कैबवाला, खुड्डा अलीशेर, तातरपुर, चार तरफ बुड़ैल, सारंगपुर, बुटरेला, धनास, दड़वा, बहलाना, खुड्डालाहौरा, खुड्डाजस्सू, मौलीजागरां, बड़हेरी, पलसोरा, हल्लोमाजरा, डड्डूमाजरा, मनीमाजरा, रायपुरकलां व मक्खमाजरा, रायपुरखुर्द, बैरमाजरा, शाहपुर, कजहेड़ी, अटावा और बुड़ैल।
गांव कुल भूमि निगम ने कब्जा लिया कब्जा लेना शेष
खुड्डाअलीशेर 53-18 12-14 41-4
प्रशासन से ग्राम पंचायत की जो भूमि हमें स्थानांतरित हो गई हैं। हम वहां कब्जा ले रहे हैं। जहां अस्थायी कब्जा है उसे हटाकर तत्काल तार या अन्य तरह से बाड़बंदी कर रहे हैं। जहां स्थायी कब्जा है, वहां के लिए कानूनी प्रक्रिया के माध्यम से सरकारी भूमि को कब्जा मुक्त करवाएंगे। - आनिंदिता मित्रा, आयुक्त, नगर निगम