फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

बैंक कैशियर पर धोखाधड़ी का केस, मां ने फांसी लगाकर दी जान, पिता बोला- बेटे को लेकर थी परेशान

Sat, 07 Mar 2020 10:28 PM IST
ajay kumar न्यूज डेस्क, अमर उजाला, रोहतक (हरियाणा)
विज्ञापन
मृतक की फाइल फोटो।
विज्ञापन

एसबीआई की भालौठ शाखा में लाखों की धोखाधड़ी आरोप में फरार चल रहे कैशियर सुभाष की 65 वर्षीय मां रामरति का शव शनिवार सुबह घर में फंदे पर लटका मिला। सुभाष के पिता ने पुलिस को बताया कि बेटे को लेकर रामरति काफी परेशान थी। इस कारण उसने आत्महत्या जैसा कदम उठाया। पुलिस ने पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया है। 

विज्ञापन


पुलिस को दिए बयान में रामकुमार ने बताया कि वह दो बेटों और एक बेटी का पिता है। उसने बताया कि बड़ा बेटा आर्मी में है और छोटा बेटा सुभाष एसबीआई की भालौठ ब्रांच में बतौर कैशियर कार्यरत है। उसने बताया कि बीते दिनों सुभाष के खिलाफ लाखों की धोखाधड़ी का मामला आईएमटी थाना में केस दर्ज हुआ था। केस दर्ज होने के बाद से सुभाष घर से फरार हो गया था। 

इसके बाद पुलिस लगातार घर के चक्कर लगा रही थी। परिवार में शादी होने के कारण पुलिस ने सुभाष की गिरफ्तारी करवाने के लिए परिजनों को दो दिनों का अल्टीमेटम दिया था। यह दो दिन शुक्रवार को पूरे होने थे। मां इसी बात से परेशान थी। मां को पता था कि शनिवार को फिर से पुलिस घर पर आएगी और सुभाष की गिरफ्तारी करवाने की बात कहेगी। इसी बात के चलते मां ने शुक्रवार रात के बाद घर के स्टोर रूम में जाकर फंदा लगा कर आत्महत्या कर ली।

विज्ञापन

मिलनसार मां ने बेटे पर केस दर्ज होने के बाद घर से निकलना कर दिया था बंद

सुभाष पर केस दर्ज होने और उसके घर से फरार होने के बाद उसकी मां रामरति काफी परेशान रहने लगी। इतना ही नहीं अक्सर घर से खेतों में, पड़ोस में महिलाओं के पास व अन्य जगहों पर जाने वाली रामरति ने घर से निकलना ही बंद कर दिया था। विवाहित बेटी से भी फोन पर बातचीत के दौरान वह सुभाष के बारे में चिंता व्यक्त करती थी। 

चार साल पहले आईपीएल में सट्टा लगा सुभाष हारा था करीब 20 लाख
मीडिया से बातचीत के दौरान पिता रामकुमार ने बताया कि सुभाष करीब चार साल पहले आईपीएल में करीब 20 लाख रुपये हार गया था, जिसके बाद भी वह घर से इसी तरह लापता हो गया था। उससे बातचीत के दौरान पता लगा था कि वह आईपीएल में रुपये हार गया है। उस दौरान सुभाष के बड़े भाई जोकि आर्मी में जवान हैं, उन्होंने रुपये दिए और इसके अलावा जमीन बेचकर भी सुभाष का यह कर्ज चुका दिया था। 
विज्ञापन

यह था मामला:

बता दें कि करीब एक सप्ताह पहले ग्रामीण महावीर ने आईएमटी थाना पुलिस को दी शिकायत में बताया था कि वह 12 फरवरी को एक लाख 20 हजार गांव स्थित एसबीआई बैंक की ब्रांच में जमा करवाने के लिए गया था। वहां पर कैशियर सुभाष ने कहा कि आपके अकाउंट में पैसे जमा हो गए हैं। जब उससे पासबुक में एंट्री करने की बात कही तो मशीन खराब का बहाना बनाया। 

एक दो दिन बाद दोबारा से आ जाना, कॉपी में एंट्री कर देंगे। अब वो अपनी खाता कॉपी में एंट्री करवाने के लिए गया तो पता चला कि अकाउंट में एक लाख 20 हजार रुपये जमा नहीं हुए। वहीं दूसरे पीड़ित नरेश ने कैशियर के खिलाफ दो लाख की धोखाधड़ी की शिकायत दी है। ठगी का शिकार हुए दोनों लोगों का कहना है कि ऐसे कई ग्रामीण हैं, जिनके साथ कैशियर ने लाखों की धोखाधड़ी की है।
कंट्रोल रूम से सूचना मिली थी कि रामरति ने फंदा लगा लिया है। मृतका के पति रामकुमार ने बताया कि उसका बेटा सुभाष, जोकि एसबीआई में कार्यरत है, उस पर धोखाधड़ी का केस दर्ज हो गया था। जिससे रामरति काफी परेशान रहने लगी। इसी के चलते रामरति ने फंदा लगाकर शुक्रवार-शनिवार की रात को आत्महत्या कर ली है। मामले की जांच जारी है। -जसवंत सिंह, प्रभारी टिटौली पुलिस चौकी
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें