सुभाष पर केस दर्ज होने और उसके घर से फरार होने के बाद उसकी मां रामरति काफी परेशान रहने लगी। इतना ही नहीं अक्सर घर से खेतों में, पड़ोस में महिलाओं के पास व अन्य जगहों पर जाने वाली रामरति ने घर से निकलना ही बंद कर दिया था। विवाहित बेटी से भी फोन पर बातचीत के दौरान वह सुभाष के बारे में चिंता व्यक्त करती थी।
चार साल पहले आईपीएल में सट्टा लगा सुभाष हारा था करीब 20 लाख
मीडिया से बातचीत के दौरान पिता रामकुमार ने बताया कि सुभाष करीब चार साल पहले आईपीएल में करीब 20 लाख रुपये हार गया था, जिसके बाद भी वह घर से इसी तरह लापता हो गया था। उससे बातचीत के दौरान पता लगा था कि वह आईपीएल में रुपये हार गया है। उस दौरान सुभाष के बड़े भाई जोकि आर्मी में जवान हैं, उन्होंने रुपये दिए और इसके अलावा जमीन बेचकर भी सुभाष का यह कर्ज चुका दिया था।
बता दें कि करीब एक सप्ताह पहले ग्रामीण महावीर ने आईएमटी थाना पुलिस को दी शिकायत में बताया था कि वह 12 फरवरी को एक लाख 20 हजार गांव स्थित एसबीआई बैंक की ब्रांच में जमा करवाने के लिए गया था। वहां पर कैशियर सुभाष ने कहा कि आपके अकाउंट में पैसे जमा हो गए हैं। जब उससे पासबुक में एंट्री करने की बात कही तो मशीन खराब का बहाना बनाया।
एक दो दिन बाद दोबारा से आ जाना, कॉपी में एंट्री कर देंगे। अब वो अपनी खाता कॉपी में एंट्री करवाने के लिए गया तो पता चला कि अकाउंट में एक लाख 20 हजार रुपये जमा नहीं हुए। वहीं दूसरे पीड़ित नरेश ने कैशियर के खिलाफ दो लाख की धोखाधड़ी की शिकायत दी है। ठगी का शिकार हुए दोनों लोगों का कहना है कि ऐसे कई ग्रामीण हैं, जिनके साथ कैशियर ने लाखों की धोखाधड़ी की है।
कंट्रोल रूम से सूचना मिली थी कि रामरति ने फंदा लगा लिया है। मृतका के पति रामकुमार ने बताया कि उसका बेटा सुभाष, जोकि एसबीआई में कार्यरत है, उस पर धोखाधड़ी का केस दर्ज हो गया था। जिससे रामरति काफी परेशान रहने लगी। इसी के चलते रामरति ने फंदा लगाकर शुक्रवार-शनिवार की रात को आत्महत्या कर ली है। मामले की जांच जारी है। -जसवंत सिंह, प्रभारी टिटौली पुलिस चौकी