पीटीआई टीचर बनने के इच्छुक युवाओं के सपने हुए चूर-चूर। हाईकोर्ट ने 646 पीटीआई टीचरों की भर्ती प्रक्रिया पर रोक लगा दी है। पंजाब सरकार की ओर से शुरू की गई इस भर्ती प्रक्रिया के खिलाफ दायर याचिका पर सुनवाई करते हुए जस्टिस जसवंत सिंह ने पंजाब सरकार, शिक्षा सचिव, डीपीआई सेकेंडरी एजुकेशन और विभागीय चयन समिति के चेयरमैन को 26 सितंबर को लिए नोटिस जारी किया है।
खास बात यह है कि पंजाब में इस भर्ती प्रक्त्रिस्या के लिए 29 जुलाई को परीक्षा का आयोजन किया जाने वाला था। सरब दयाल सिंह व अन्य ने सीनियर एडवोकेट पुनीत जिंदल के मार्फत दायर की याचिका में कहा है कि पंजाब सरकार ने मई, 2011 में फिजिकल एजुकेशन के लेक्चरर पद के लिए 25, डीपीई (मास्टर कैडर) के 645 और पीटीआई के 646 पदों पर नियुक्ति के लिए विज्ञापन जारी किया था।
उसके दो माह बाद सरकार ने जुलाई, 2011 में एक नोटिफिकेशन जारी कर पहले दोनों वर्गों के लिए टीईटी पास होना अनिवार्य कर दिया। लेकिन पीटीआई को इससे अलग रखा। इसे लेकर हाईकोर्ट में कई याचिकाएं दायर हुईं, जिस पर हाईकोर्ट ने पूरी भरती प्रक्रिया को रद करते हुए पंजाब सरकार को नए सिरे से भरती प्रक्त्रिस्या शुरू करने के निर्देश दिए थे।
अब याचिकाकर्ताओं का कहना है कि तय प्रावधान के तहत पीटीआई के लिए लिखित परीक्षा का प्रावधान नहीं है और इस पद के लिए शैक्षणिक योग्यता के आधार पर ही नियुक्तियां होती हैं, लेकिन अब पंजाब सरकार ने गत एक जुलाई को अपनी आधिकारिक वेबसाइट पर एक पब्लिक नोटिस जारी कर उक्त सभी पदों के लिए लिखित परीक्षा को अनिवार्य कर दिया है। यह लिखित परीक्षा भी वर्ष 2011 में उक्त पदों के लिए आवेदन कर चुके अभ्यर्थियों के लिए ही है।
याचिकाकर्ताओं का कहना है कि वर्ष 2011 में भी पीटीआई पदों के लिए लिखित परीक्षा का प्रावधान नहीं था। लेकिन अब यह प्रावधान जोड़ दिया गया है जबकि यह भरती प्रक्त्रिस्या वर्ष 2011 की ही है। इस तरह सरकार ने भरती प्रक्त्रिस्या के बीच में शर्तें बदली हैं, जोकि गलत है।