60 की उम्र पार कर चुके हैं, सभी दस्तावेज पूरे करके विभाग में जमा करवा चुके हैं। बावजूद इसके अब तक 63 हजार बुजुर्गों को पेंशन का इंतजार है। मामला हरियाणा का है। काफी समय से आवेदन पेंडिंग ही चल रहे है। इस संदर्भ में जहां विभागों की कार्यप्रणाली कछुआ चाल चल रही है,
वहीं पेंशन के इंतजार में बुजुर्गों को जिलों में समाज कल्याण कार्यालयों के धक्के खाने पड़ रहे हैं। कुछ बुजुर्गों ने बताया कि वहां से उन्हें सिर्फ यही जवाब मिलता है कि उनके आवेदन आगे भेज दिए गए हैं। हाईकमान से हरी झंडी मिलने के बाद ही उनकी पेंशन पर फैसला होगा।
बेसहारा बुजुर्गों को सम्मान भत्ता देती है सरकार
हरियाणा सरकार बुजुर्गों को 1800 रुपये प्रतिमाह सम्मान भत्ते के रूप में बुढ़ापा पेंशन देती है। ये पेंशन राशि पूरे भारत में सबसे ज्यादा हरियाणा में ही है। नवंबर 2018 से ये राशि मनोहर सरकार अपने घोषणा पत्र में किए वादे के अनुसार 2000 रुपये प्रतिमाह कर देगी।
सवा दो साल में साढ़े तीन लाख बुजुर्गों को लाभ
हरियाणा में पिछले सवा दो सालों में 358733 नए बुजुर्गों को पेंशन का लाभ मिला है। लेकिन रफ्तार इतनी धीमी है कि लेकिन पिछले कई महीनों से पेंशन के लिए 63618 बुजुर्गों के आवेदन पेंडिंग ही पड़े हैं। जिस वजह से बुजुर्गों को खासी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
बुजुर्गों से किया वादा हरियाणा सरकार निभा रही है। एक नवंबर 2018 से पेंशन 1800 रुपये प्रतिमाह कर दी गई है। सरकार बुजुर्गों के सम्मान भत्ते को लेकर भी पूरी तरह से गंभीर है। जो केस पेंडिंग पड़े हैं, उस बारे में रिपोर्ट ली जाएगी और अफसरों को निर्देश दिए जाएंगे कि जल्द इन पेंडिंग केसों को क्लीयर किया जाएगा। ताकि बुजुर्र्गों को किसी प्रकार की दिक्क्त न हो।
- कृष्ण कुमार बेदी, सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री, हरियाणा सरकार