बिजली बिलों पर सरचार्ज, संपत्ति कर और मोटर वाहन कर में छूट की भी मुख्यमंत्री ने घोषणा की। इस मौके पर उपमुख्यमंत्री दुष्यंत चौटाला, गृह एवं स्वास्थ्य मंत्री अनिल विज, शिक्षा मंत्री कंवर पाल, परिवहन मंत्री मूलचंद शर्मा, बिजली मंत्री रणजीत सिंह, कृषि मंत्री जेपी दलाल, महिला एवं बाल विकास राज्य मंत्री कमलेश ढांडा, श्रम एवं रोजगार राज्य मंत्री अनूप धानक और खेल एवं युवा मामले राज्य मंत्री संदीप सिंह उपस्थित रहे।
46 परिवारों को 2-2 लाख रुपये की एक्सग्रेशिया राशि ट्रांसफर
बीपीएल परिवारों के 18 से 50 वर्ष तक की आयु के सदस्य की कोरोना के कारण मृत्यु होने पर 2 लाख रुपये एक्सग्रेशिया अनुदान की घोषणा गुरुवार से ही लागू हो गई। मुख्यमंत्री ने 46 परिवारों को 2-2 लाख रुपये की राशि डीबीटी के माध्यम से खातों में ट्रांसफर की। बीपीएल के होम आइसोलेशन में रह रहे कोविड पीड़ित मरीज परिवार को भी सरकार की घोषणा के अनुसार लाभ मिलना शुरू हो गया। मुख्यमंत्री ने 2755 परिवारों को 5-5 हजार रुपये सीधे उनके बैंक खातों में डाले। बीपीएल परिवारों के कोविड पीड़ित मरीजों को पूरा खर्च सरकार वहन करती रहेगी।
बिजली बिलों पर 30 जून तक सरचार्ज, फिक्स चार्ज माफ
मुख्यमंत्री ने कहा कि कोरोना के संकट के बीच बिजली उपभोक्ताओं को राहत देते हुए बिल पर 30 जून तक सरचार्ज नहीं लिया जाएगा। व्यापारियों को भी राहत दे रहे हैं। जिनका अप्रैल, मई और जून माह का औसतन बिजली बिल जनवरी, फरवरी और मार्च माह के औसत बिजली बिल से 50 प्रतिशत कम आया है तो उनका 10 हजार रुपये का स्थायी शुल्क (फिक्स चार्ज) शत प्रतिशत माफ किया जाएगा। जिनका स्थायी शुल्क 10 हजार रुपये से 40 हजार रुपये तक है, उन्हें 10 हजार रुपये तक की छूट मिलेगी। 40 हजार रुपये से अधिक पर 25 प्रतिशत की छूट दी जाएगी।
सीएम ने कहा कि सरकार ने लोगों को राहत देते हुए वर्ष 2021-22 की पहली तिमाही का पूरा संपत्ति कर माफ करने का निर्णय लिया है। इससे लगभग 150 करोड़ रुपये का लाभ लोगों को होगा। बड़े शहरों में चौथे तल के रजिस्ट्रेशन भी करा सकेंगे। इससे भी लोगों को काफी लाभ होगा।
मोटर व्हीकल टैक्स में छूट
मुख्यमंत्री ने कहा कि सवारियां ढोने वाले वाहनों पर वर्ष 2021-22 की पहली तिमाही का मोटर व्हीकल टैक्स नहीं लगेगा। इससे वाहन मालिकों को लगभग 72 करोड़ रुपये का लाभ होगा। वाहनों की फिटनेस तिथि को भी बढ़ा दिया है।
कुल वित्तीय राहत पैकेज
- असंगठित श्रमिकों के लिए 600 करोड़ रुपये
- आशा और अन्य स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं के लिए 11 करोड़ रुपये
- दुकानदार और छोटे व्यवसायी 150 करोड़ रुपये
- शैक्षणिक संस्थानों, वाणिज्यिक और औद्योगिक-उपभोक्ताओं को बिजली शुल्क में राहत 80 करोड़ रुपये
- संपत्ति कर छूट 150 करोड़ रुपये
- मोटर वाहन कर 72 करोड़ रुपये
- मृत्यु, उपचार और अस्पताल में भर्ती होने पर अनुग्रह अनुदान 50 करोड़ रुपये
कृषि कानूनों को लागू होने दें किसान
मुख्यमंत्री ने आंदोलनकारी किसानों से अपील करते हुए कहा कि कृषि कानूनों का कोई दुष्प्रभाव नहीं है। एक बार इनको लागू होने दें। यदि कोई दुष्प्रभाव होगा तो सब मिलकर फिर से विचार करेंगे। हरियाणा सरकार आज भी किसानों को सब सुविधाएं दे रही और आगे भी देंगे। इसमें कहीं कोई कमी नहीं आएगी।