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हरियाणाः दूसरे के आधार पर 60 हजार लोग डकार रहे थे राशन, मंत्री ने दिए कार्रवाई के आदेश

Thu, 04 Oct 2018 02:14 AM IST
मोहित धुपड़, अमर उजाला, चंडीगढ़
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सांकेतिक तस्वीर - फोटो : फाइल फोटो
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हरियाणा में राशन वितरण में एक और घोटाला सामने आया है। हजारों लोग किसी और के आधार पर राशन डकार रहे थे। राशन डिपो धारकों और खाद्य एवं आपूर्ति विभाग के कर्मियों की मिलीभगत के चलते यह गड़बड़झाला हुआ है। सबसे पहले ऐसा मामला सिरसा जिले में पकड़ में आया।  

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इसकी सूची जब हरियाणा के खाद्य, आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामले के राज्यमंत्री कर्णदेव कंबोज तक पहुंची तो उन्होंने सूबे के सभी जिलों में ऐसे मामलों की जांच के आदेश दिए। इस जांच के बाद बड़े स्तर पर राशन वितरण घोटाले का पर्दाफाश हुआ। मंत्री के आदेश के बाद आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामले निदेशालय ने अपनी कार्रवाई शुरू कर दी है।

इस तरह से हुआ गड़बड़झाला
जिलों में राशन डिपो संचालकों द्वारा राशन वितरण के साथ जोड़े जाने वाले आधार नंबरों के नामों में ये गड़बड़झाला किया। डिपो संचालकों ने राशन वितरण के साथ आधार नंबर तो किसी ओर का जोड़ दिया, लेकिन नाम फीड करते समय राशन पाने वालों में अपने चहेतों के नाम फीड कर दिए। जिन्हें लाभार्थी न होते हुए भी राशन दिया गया। अब हो यह रहा था कि दूसरे के आधार नंबर पर 60511 लोग गलत ढंग से राशन ले रहे थे। जब आधार नंबर और उनके नाम वेरिफाई करने की बारी आई, तो जिलों में खाद्य एवं आपूर्ति विभाग के कर्मचारियों ने भी इन गलत नामों को वेरिफाई कर इस घोटाले में अपनी भूमिका भी संदिग्ध बना ली। कई महीनों से ऐसा चल रहा था।

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फरीदाबाद में सबसे ज्यादा मिले केस

सांकेतिक तस्वीर - फोटो : google
विभाग ने अभी तक अपनी जांच में विभिन्न जिलों से काफी नाम ऐसे पकड़े हैं, जिन्हें दूसरे के आधार पर राशन बांटा जा रहा था। इनमें अंबाला के 1178, भिवानी के 2525, फरीदाबाद के 13310, फतेहाबाद में 732, गुरुग्राम में 1351, हिसार के 4016, झज्जर के 1699, जींद के 1813, कैथल के 1825, करनाल के 3832, कुरुक्षेत्र के 1274, महेंद्रगढ़ के 719, मेवात के 8363, पलवल के 3011, पंचकूला के 458, पानीपत के 3168, रेवाड़ी के 510, रोहतक के 2392, सिरसा के 3796, सोनीपत के 1325 व यमुनानगर के 3214 लोगों के नाम शामिल हैं।

पहले सामने आई थी राशन कार्डों की गड़बड़ी
इस गड़बड़झाले से पहले फर्जी राशन कार्डों का मामला सामने आ चुका है। सरकार ने ऐसे 3.20 लाख राशन कार्ड पकड़े, जिनके साथ 26.45 लाख लोग अटैच थे, सरकार ने जब जुलाई 2017 से राशन वितरण में आधार लिंक का काम शुरू किया, तो ये लोग अचानक गायब हो गए। सरकार को 3.20 लाख राशन कार्ड निष्क्रिय करने पड़े।

सरकार को सिरसा से इस तरह की शिकायत मिली थी, जिसके बाद पूरे प्रदेश में जांच करवाई गई। आधार किसी का और राशन लेने वाले लोग कोई और, इस तरह की गड़बड़ी करने वाले राशन डिपो संचालकों और विभागीय कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई के आदेश दिए हुए हैं। -कर्णदेव कम्बोज, खाद्य एवं आपूर्ति राज्यमंत्री, हरियाणा
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