कैबिनेट ने पंजाब घर-घर रोजगार और कारोबार मिशन स्थापित करने को मंजूरी दी है। सीएम कैप्टन अमरिंदर सिंह इसकी गवर्निंग काउंसिल के चेयरमैन होंगे। मिशन को एक सोसायटी के तौर पर सोसायटी रजिस्ट्रेशन एक्ट केतहत रजिस्टर करवाया जाएगा। मिशन का मकसद भारत और दूसरे देशों में रोजगार की खोज करने वालों को सुविधाएं मुहैया करवाना है।
सरकारी प्रवक्ता ने कहा कि घर घर रोजगार योजना पंजाब सरकार की ऐसी पहल है जिसके तहत अलग-अलग कदमों द्वारा नौजवानों के लिए रोजगार के मौके पैदा करना ही मकसद है। प्रस्तावित सोसायटी मुख्य तौर पर बेरोजगार नौजवानों के लिए स्वरोजगार के साधन पैदा करने के लिए व्यवस्था कायम करने के साथ-साथ उन्हें पेशेवर ट्रेनिंग देकर और उन्हें कुशल कामगारों के तौर पर स्थापित करके रोजगार की संभावनाओं को बढ़ाने के लिए काम करेगी।
मिशन के तहत नौजवानों को सरकारी, निजी क्षेत्र और विदेशों में उनकी योग्यता के अनुसार रोजगार प्राप्ति के लिए सुविधा दी जाएगी। यह मिशन रोजगार दाताओं, उद्यमियों और रोजगार की खोज कर रहे नौजवानों और कुशल कामगारों को साझा प्लेटफॉर्म मुहैया करवाएगा। इसका मकसद ज्यादा से ज्यादा नौकरियां पैदा करना होगा।
इसके लिए जिला ब्यूरो ऑफ इंप्लायमेंट एंड इंटरप्राइजेज द्वारा सभी पक्षों के साथ तालमेल के अलावा संरक्षक की भूमिका निभाई जाएगी। मिशन के तहत रोजगार से खाली घरों के आंकड़े जमा कर एक डाटा बेस तैयार किया जाएगा। साथ ही रोजगार पैदा करने के संबंध में व्यवस्था विकसित करने पर जोर दिया जाएगा। हरेक घर में कम से कम नौकरी या स्वरोजगार पैदा किया जाना है।