पंजाब यूनिवर्सिटी व इससे संबद्ध 194 कॉलेजों के विद्यार्थियों के सर्वे में एक बड़ी बात सामने आई है। 54 फीसदी विद्यार्थी चाहते हैं कि एग्जाम न करवाया जाए। पुराने प्रोजेक्ट वर्क हों या अन्य कार्य किए हों, उनके आधार पर विद्यार्थियों को अंक देकर अगली कक्षाओं में प्रमोट कर दिया जाए। 32 फीसदी स्टूडेंट्स ने यह इच्छा जाहिर की है कि एग्जाम यदि हो भी तो उसमें वह सिलेबस शामिल किया जाए तो लॉकडाउन से पहले पूरा करवाया गया था यानी उसी सिलेबस से सवाल पूछे जाएं।
कुछ विद्यार्थियों ने यह भी कहा है कि एग्जाम करवाया जाए, लेकिन लॉकडाउन खुलने के बाद कुछ दिन कक्षाएं लगाई जाएं। यह बात लॉकडाउन के दौरान अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) की ओर से करवाए गए सर्वे में आई है। एबीवीपी ने सर्वे रिपोर्ट मानव संसाधन विकास मंत्रालय, यूजीसी समेत कई जगहों पर भेजी है।
पीयू की ओर से एक बैठक आयोजित की गई थी। उसमें पंजाब के अफसर भी थे। एक बात निकलकर सामने आई थी कि विद्यार्थियों के एग्जाम लिए बिना ही उन्हें आगे की कक्षाओं में प्रमोट कर दिया जाए। इसके बाद ऑनलाइन कक्षाएं शिक्षकों की ओर से शुरू की गई। विद्यार्थी गफलत में थे कि हो क्या रहा है और वह क्या चाहते हैं।
विद्यार्थियों के दिमाग में आने वाले कई सवालों को लेकर एबीवीपी ने 18 अप्रैल से सर्वे शुरू किया। एक सप्ताह में विद्यार्थियों को सवालों के जवाब देने थे। इस सर्वे के लिए पंजाब यूनिवर्सिटी व उससे जुड़े कॉलेजों के विद्यार्थियों को इसमें शामिल किया गया था। एक सप्ताह में 1500 विद्यार्थियों ने फार्म भरे हैं। उसके बाद एबीवीपी ने आए जवाबों का विश्लेषण किया और रिपोर्ट तैयार की।
57 फीसदी युवाओं ने इंटरनल प्रोजेक्ट जमा नहीं किए
सर्वे में सवाल पूछा गया था कि कितने विद्यार्थियों ने इंटरनल प्रोजेक्ट सब्मिट किए हैं। उसमें 57 फीसदी युवाओं ने कहा है कि अभी उनके प्रोजेक्ट जमा नहीं हुए हैं। यानी अभी काफी स्टूडेंट्स के पास ही उनके प्रोजेक्ट हैं, जो उनका भविष्य तय करने में महत्वपूर्ण भूमिका अदा करते हैं। इन प्रोजेक्ट को जमा करने की इच्छा भी जाहिर की है।
ये है ऑनलाइन प्लेटफार्म की स्थिति
47 फीसदी छात्र कर रहे वाट्सएप का प्रयोग
16 फीसदी विद्यार्थी गूगल प्रयोग कर रहे
19 फीसदी जूम का प्रयोग कर रहे हैं
13 फीसदी इमेल का प्रयोग कर रहे हैं
पांच फीसदी अन्य प्लेटफार्म का प्रयोग कर रहे हैं।
शिक्षकों के ऑनलाइन शिक्षण कार्य के दायरे में नहीं आ रहे तमाम विद्यार्थी।
69 विद्यार्थी बोले-
शिक्षक उन पर किसी प्रकार का कोई दबाव नहीं बना रहे हैं, चाहे टेस्ट के लिए हो या फिर शिक्षण।
इंटरनेट कनेक्टिविटी
40 फीसदी विद्यार्थियों ने फेयर।
6 फीसदी ने एक्सीलेंट।
26 फीसदी ने अच्छी।
27 फीसदी विद्यार्थियों ने कमजोर।
छात्रों के दिमाग में आ रहे सवालों को लेकर एबीवीपी ने सर्वे करवाया। एक सप्ताह में 1500 विद्यार्थियों ने सर्वे फार्म भरे। इसके परिणाम आज हमारे सामने हैं। 54 फीसदी विद्यार्थी चाहते हैं कि पुराने काम के आधार पर उन्हें अंक दिए जाएं और उन्हें अगली कक्षाओं में प्रमोट कर दिया जाए। यह सर्वे रिपोर्ट हम एमएचआरडी को भेज रहे हैं।
- प्रिया शर्मा, कैंपस सेक्रेटरी, एबीवीपी पीयू