चंडीगढ़। यूटी पुलिस ने पंजाब यूनिवर्सिटी के एक वरिष्ठ सहायक प्रोफेसर के बैंक खाते से 53 हजार रुपये उड़ाने के मामले में विदेशी महिला के खिलाफ मामला दर्ज किया है। इस मामले की जांच साइबर सेल कर रही है। डॉ. आनंद नारायण सिंह पीयू में वनस्पति विज्ञान विभाग में वरिष्ठ सहायक प्रोफेसर के तौर पर कार्यरत हैं।
प्रोफेसर ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि खुद को सिंगापुर में जीआईसी कॉरपोरेशन की निदेशक बताने वाली लिंडा नाम की एक महिला ने 2021 में व्हाट्सएप पर उनसे संपर्क किया और चैटिंग शुरू कर दी। महिला ने उन्हें सिंगापुर में अपनी कंपनी जीआईसी और क्रिप्टो करंसी में निवेश का ऑफर दिया, लेकिन प्रोफेसर ने मना कर दिया। इसके बाद जनवरी 2022 में महिला ने एक संदेश भेजा कि वह बड़ी मुसीबत में है। उसने कंपनी के खाते में पांच लाख रुपये ट्रांसफर करने का आग्रह किया। उसने आश्वासन दिया कि जब उसे वेतन मिलेगा तो वह एक मिलियन ट्रांसफर कर देगी। हालांकि प्रोफेसर ने कोई पैसा ट्रांसफर नहीं किया। इस दौरान उनके मोबाइल में नेट बैंकिंग एप चलना बंद हो गया। जब वे केनरा बैंक शाखा में पहुंचे और शाखा प्रबंधक से मिले तो पता चला कि विशाखापत्तनम (आंध्र प्रदेश) की साइबर शाखा से शिकायत मिलने के बाद उनका खाता फ्रीज कर दिया गया है। बैंक प्रबंधक ने बताया कि किसी ने उनके खाते से गलत तरीके से 53 हजार 500 रुपये ट्रांसफर कर लिए हैं। इसके बाद उन्होंने साइबर सेल में लिंडा के खिलाफ शिकायत दी। सेक्टर-11 थाना पुलिस ने धोखाधड़ी का मामला दर्ज कर जांच साइबर सेल को सौंप दी है।