उपमुख्यमंत्री मनोहर लाल ने शून्यकाल में यह जवाब दिया। कांग्रेस विधायक रघुबीर कादयान, कुलदीप वत्स ने बेरी और बादली में बारिश व ओलावृष्टि से फसलों को नुकसान व जलभराव का मुद्दा उठाया। कांग्रेस विधायकों ने इस विषय पर ध्यानाकर्षक प्रस्ताव लगाया था, जिसे डीसी झज्जर की टिप्पणी आने के बाद नामंजूर कर दिया। डीसी ने फसलों को ज्यादा नुकसान न होने की रिपोर्ट भेजी थी।
इस पर वत्स व मलिक ने कहा कि क्षेत्र में अनेक ऐसे गांव हैं, जिनमें फसल को भारी नुकसान पहुंचा है लेकिन न तो विशेष गिरदावरी हुई न किसानों को मुआवजा मिला। दुष्यंत ने कहा कि इन विधानसभा क्षेत्रों में किसानों की फसलें खराब होने का मामला संज्ञान में है। अगर डीसी की रिपोर्ट से संतुष्ट नहीं हैं तो जिला स्तर पर कमेटी बनाकर दोबारा रिपोर्ट मंगवाई जाएगी।
पीएम फसल बीमा योजना में यह प्रावधान है कि अगर बीते वर्ष की तुलना मे कम पैदावार होती है तो भी किसान को मुआवजा मिलेगा। दो दिन पहले भी कुछ क्षेत्रों में ओलावृष्टि हुई थी, उसकी रिपोर्ट अभी तक नहीं आई है। नुकसान की रिपोर्ट आने पर किसानों को मुआवजा दिया जाएगा। आपदा विभाग की पहली बैठक जनवरी में हो चुकी है, दूसरी बैठक अप्रैल में होगी। अगर कोई विधायक इससे पहले अपने-अपने जिला के उपायुक्त से मिलकर जलभराव क्षेत्र की रिपोर्ट तैयार कर भिजवा देंगे तो आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।