जीएमसीएच-32 में कांट्रैक्ट के आधार पर काम करने वाले करीब 500 अटेंडेंट ने मंगलवार सवेरे काम करने से मना कर दिया।
उनका कहना था कि आधा महीना बीत गया लेकिन उन्हें सैलरी नहीं दी गई। वे लोहड़ी तक ठीक सेनहीं मना पाए। सूचना मिलते ही संस्थान के हाथ-पैर फूल गए। डायरेक्टर प्रिंसिपल ने उन्हें तुरंत बातचीत के लिए बुलाया।
उन्होंने कर्मचारियों को आश्वासन दिया कि उन्हें मंगलवार शाम चार बजे तक सैलरी मिल जाएगी। आश्वासन के बाद कर्मचारी मान गए और काम पर लौट आए। हालांकि इस दौरान कई सेवाएं एक घंटे देरी के बाद शुरू हो पाईं। इससे मरीजों को भी परेशानी उठानी पड़ी।
कर्मचारियों ने बताया कि शाम चार बजे उन्हें सैलरी दे दी गई। कर्मचारियों का कहना है कि यदि वे ऐसा कदम नहीं उठाते तो उन्हें आज भी सैलरी नहीं मिलती। पहले उन्हें आठ से दस तारीख तक तनख्वाह मिल जाती थी, लेकिन पिछले कई महीनों से उन्हें सैलरी 14 तारीख के आसपास दी जा रही है।
वहीं उन्हें उन्हें किराया और बच्चों की फीस 10 तारीख से पहले देनी होती है। इससे उन्हें काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। इसके बारे में कई दफा ठेकेदारों को बताया गया, लेकिन वे नहीं माने। आखिर में उन्हें काम नहीं करने की धमकी देनी पड़ी।
ये सेवाएं हुईं प्रभावित :
इससे सीएसडी, इमरजेंसी और सर्जरी के कुछ काम प्रभावित हुए।