चंडीगढ़। कोरोना वायरस से बचने के लिए बड़े पैमाने पर सुरक्षा उपकरणों की जरूरत है। खास तौर पर स्वास्थ्यकर्मियों के लिए। जो डॉक्टर, नर्स और अन्य स्टाफ अस्पतालों में जरूरी सेवा में लगे हैं, जब वे कोरोना वायरस से सुरक्षित रहेंगे तभी संक्रमित मरीजों का इलाज कर सकेंगे। इन वस्तुओं को उपलब्ध कराने के लिए सरकार की ओर से तो प्रयास जारी हैं, लेकिन शहर के कुछ लोग भी इन वस्तुओं को खरीदकर अस्पतालों में पहुंचा रहे हैं। सेक्टर-45 निवासी शिशुपाल व उनके साथियों ने रुपये इकट्ठा कर पीजीआई के डाक्टरों व नर्सों के लिए 50 व्यक्तिगत सुरक्षा उपकरण (पीपीई) उपलब्ध कराए हैं।
एक पीपीई की कीमत करीब 1150 रुपये है। इस हिसाब से उनके साथियों ने करीब 52 हजार रुपये इकट्ठा किया और पीजीआई के डाक्टरों को किट मुहैया करवाई। शिशुपाल के मुताबिक, इसमें उनके साथ काम करने वाले मोहित, निधि, प्रदीप, बंगारू, अमित, विकास और चंडीगढ़ पाल मर्चेंट की शिवानी, आरती, रितेश, विजय, पुनीत, दिग्विजय और राजेंद्र सहित अन्य लोगों ने सहयोग दिया है। शिशुपाल ने बताया कि रविवार दोपहर पीजीआई को पीपीई सौंप दी गई थी। विशेषज्ञों के मुताबिक यह उपकरण कोरोना वायरस के उपचार में लगे डॉक्टरों और अन्य कर्मचारियों की रक्षा करता है।
देश में बड़े पैमाने पर पीपीई किट की कमी है। ऐसे में बड़ी संख्या में पीपीई उपकरण उपलब्ध होने पर डॉक्टरों और नर्सों को मरीजों के इलाज में मदद मिलेगी। देशभर में कई ऐसे मामले सामने आए हैं, जहां मरीजों का इलाज कर रहे डॉक्टर और दूसरे स्वास्थ्यकर्मी कोरोना की चपेट में आ गए हैं। ऐसे में पर्याप्त सुरक्षा उपकरण न होने से स्वास्थ्यकर्मी काफी परेशान थे। शिशुपाल समाजसेवा के कार्यों में काफी सक्रिय हैं। उनके परिवार ने घर पर मास्क बनाकर कई लोगों को बांटे भी हैं।