हरियाणा के रोजगार कार्यालय बेरोजगार युवाओं को रोजगार दिलवाने में ज्यादा प्रभावशाली साबित नहीं हो पा रहे हैं। पिछले ढाई सालों में हरियाणा में मौजूद 52 रोजगार केंद्रों ने 496625 रजिस्टर्ड बेरोजगार युवकों में से सिर्फ 2.11 फीसदी यानी 10525 युवकों को ही रोजगार उपलब्ध करवाया। हालांकि, इस दौरान सभी जिलों में मौजूद रोजगार केंद्रों युवाओं को कुछ न कुछ रोजगार दिलाने में कामयाब रहे, लेकिन कैथल, पानीपत और रोहतक के रोजगार केंद्र तो ऐसे हैं, जिन्होंने ढाई साल में एक भी युवा को रोजगार नहीं दिलवाया।
जिला रोजगार केंद्रों पर उपलब्ध रोजगार इतने बेरोजगारों को भत्ता
अंबाला 229 472
पंचकूला 02 285
यमुनानगर 233 507
कुरुक्षेत्र 16 926
कैथल 0 628
करनाल 768 1630
पानीपत 0 1154
रोहतक 0 2972
झज्जर 588 1005
सोनीपत 2784 1083
जींद 887 3619
भिवानी 405 2685
गुरुग्राम 1564 59
फरीदाबाद 980 66
मेवात 252 26
नारनौल 06 733
रेवाड़ी 443 263
हिसार 01 2288
फतेहाबाद 42 1245
सिरसा 1325 1244
पढ़िए क्या कहा अभय चौटाला ने...
इनेलो नेता अभय चौटाला
- फोटो : File Photo
33777 को हर महीने 100 घंटे काम
रोजगार केंद्र भले ही इन बेरोजगार युवकों कहीं स्थायी रोजगार दिलवाने में ज्यादा कामयाब नहीं हो पा रहा, लेकिन हरियाणा सरकार ने एक खास पहल करते हुए फिलहाल 33777 युवकों को सक्षम युवा योजना के तहत हर महीने 100 घंटे काम दिए जाने और उसकी एवज में मानदेय दिए जाने की व्यवस्था की है। सरकार की ये सकारात्मक पहल है। इस योजना के तहत अंबाला में 1348 युवकों, भिवानी के 3180, फरीदाबाद के 112, फतेहाबाद के 1625, गुरुग्राम के 93, हिसार के 1926, झज्जर के 1435, जींद के 2045, कैथल के 2553, करनाल के 2920, कुरुक्षेत्र के 2141, महेंद्रगढ़ व नारनौल के 623, नूंह के 208, पलवल के 384, पंचकूला के 369, पानीपत के 1161, रेवाड़ी के 431, रोहतक के 2784, सिरसा के 1970, सोनीपत के 1357 व यमुनानगर के 5112 युवकों को सरकार हर महीने 100 घंटे काम और उसकी एवज में मानदेय दे रही है।
सरकार युवाओं के रोजगार को लेकर पूरी तरह से गंभीर है। रोजगार केंद्र अपना काम कर रहे हैं, जबकि प्राइवेट सेक्टरों में भी युवाओं को नौकरियों की संभावनाएं बढ़ी है। इसके अतिरिक्त सरकार ने जो विदेशी एमओयू किए हैं। उससे भी प्रदेश में पांच लाख युवाओं को रोजगार मिलने की उम्मीद जगी है। सरकार की युवा सक्षम योजना के अंतर्गत भी हजारों बेरोजगार लाभ उठा रहे हैं।
-नायब सिंह सैनी, श्रम एवं रोजगार मंत्री
प्रदेश के युवा बेरोजगारी से जूझ रहे हैं। रोजगार केंद्रों की ओर से युवाओं को रोजगार दिलवाने की जो गति है, वो संतोषजनक नहीं है। सरकार कहती है कि विदेशी निवेश के बाद लाखों युवाओं को रोजगार मिलेगा, लेकिन सरकार पहले ये बताए कि एमओयू हुए महीनों गुजर चुके हैं, प्रदेश में कितना निवेश हुआ और उससे अभी तक कितनों को रोजगार मिला।
-अभय चौटाला, नेता प्रतिपक्ष