मालेरकोटला में एक डेयरी फार्म में 48 दुधारू पशुओं की संदिग्ध हालत में मौत हो गई, जबकि इतने ही पशु बीमार हैं। जिन्हें बचाने के लिए पशु पालन विभाग के डॉक्टरों की टीमें जुटी हुईं हैं। डेयरी मालिक लियाकत अली के मुताबिक उसके तबेले में 111 दुधारू पशु हैं, जिनकी दो दिन से तबीयत बिगड़ रही थी। उसने इनका पचास हजार रुपये खर्च करके इलाज भी करवाया लेकिन एक-एक करके दुधारू पशु मौत के मुंह में जा रहे हैं।
उसने बताया कि उसके तबेले में 48 पशुओं की मौत हो गई। सूचना मिलते ही वेटरिनरी अधिकारी मालेरकोटला डॉ. मोहम्मद इकबाल ने अपनी टीम के साथ पहुंचकर बीमार पशुओं का इलाज शुरू किया।
दी रेवेन्यू पटवार यूनियन के जिलाध्यक्ष दीदार सिंह छोकरां ने डेयरी फार्म के तबेले का दौरा करके पीड़ित से बातचीत की और कहा कि वह इसकी रिपोर्ट उच्चाधिकारियों को देंगे। पशु पालन विभाग संगरूर के डिप्टी डायरेक्टर डॉ. केजी गोयल और सीनियर वेटरिनरी अधिकारी मालेरकोटला डॉ. बलजीत सिंह ने मौके पर पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया।
गुरु अंगद देव वेटरिनरी यूनिवर्सिटी लुधियाना से पशु रोग विज्ञानी डॉ. एसपीएस सैनी, डॉ. सिदार्थ देशमुख की अगुवाई में विशेषज्ञों की टीम भी पहुंच गई। विशेषज्ञों के मुताबिक पशुओं की मौत के कारण जानने के लिए खून, खुराक के नमूने लेकर जालंधर प्रयोगशाला भेजे गए हैं। रिपोर्ट आने के बाद ही पता चल पाएगा कि पशुओं की मौत किस वजह से हुई है।