नगर निगम चंडीगढ़ की ओर से 22 फरवरी से आयोजित होने जा रहा 47वां तीन दिवसीय रोज फेस्टिवल पुलवामा के शहीदों को समर्पित होगा। कार्यक्रम के दौरान किसी भी सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन नहीं किया जाएगा। साथ ही नगर निगम ने यह फैसला लिया है कि रोज फेस्टिवल पर खर्च होने वाली 25 लाख की राशि भी शहीदों के परिवारों को दी जाएगी।
वहीं, पार्षदों ने एक माह का मानदेय देने का फैसला किया। रोज फेस्टिवल को लेकर सोमवार को सीनियर डिप्टी मेयर और नगर निगम कमिश्नर केके यादव और सभी पार्षदों की बैठक हुई। इसमें यह फैसले लिए गए। बैठक में कांग्रेसी पार्षद देवेंद्र सिंह बबला ने कहा कि पुलवामा में हुए आतंकवादी हमले से हमारे जवान शहीद हुए हैं। पूरा देश गम में डूबा हुआ है।
ऐसे में हम सभी को चाहिए कि रोज फेस्टिवल को रद्द कर दिया जाए। कांग्रेसी पार्षद गुरबख्श रावत ने भी बबला का समर्थन किया। इसके साथ ही बैठक में मौजूद अन्य पार्षदों ने भी एक-एक कर अपने विचार रखे। इस दौरान सभी पार्षदों ने अपनी एक महीने का मानदेय शहीद जवानों के परिवारों को देने पर सहमति जताई। बैठक में तय हुआ कि रोज फेस्टिवल पर खर्च होने वाली 25 लाख की राशि भी शहीदों के परिजनों को दी जाएगी।
नगर निगम कमिश्नर ने सब की बात सुनने के बाद कहा कि हमें कुछ ऐसा करना चाहिए कि रोज फेस्टिवल भी हो जाए और लोगों की भावनाओं को भी ठेस न पहुंचे। इस पर सभी ने फैसला लिया की रोज फेस्टिवल तो मनाया जाएगा, लेकिन उसमें कोई भी सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन नहीं होगा। इस दौरान केवल देशभक्ति के गीत और संगीत ही बजाए जाएंगे।
बच्चों के कुछ पारंपरिक कार्यक्रम ही आयोजित होंगे
रोज फेस्टिवल के दौरान केवल बच्चों के लिए आयोजित किए जाने वाली कुछ प्रतियोगिताएं ही होंगी। इनमें रोज प्रिंस एंड प्रिंसेज, क ाइट फ्लाइंग प्रतियोगिता और ऑन द स्पॉट पेंटिंग प्रतियोगिता शामिल हैं। इसके अलावा अन्य प्रतियोगिताओं को रद्द कर दिया गया है।