शहर में सार्वजनिक परिवहन अब धीरे-धीरे पटरी पर आने लगा है। बुधवार को शहर की सड़कों पर सीटीयू की बसें काफी लंबे समय बाद दिखाई दीं। हालांकि यात्रियों की संख्या अभी कम है, इसका बड़ा कारण लोगों को अभी बसों के रूट की जानकारी का न होना है। चंडीगढ़ प्रशासन की मंजूरी के बाद सीटीयू ने शहर के 16 मार्गों पर 47 बसों के माध्यम से अपनी सेवाएं शुरू कर दी हैं।
बसों में यात्रा करने के लिए सिर्फ एक ही दाम 20 रुपये रखा गया है। इसके अलावा चंडीगढ़ प्रशासन ने ट्राइसिटी में बसें चलाने के लिए पंजाब और हरियाणा सरकार से इजाजत मांगी है। सीटीयू के अधिकारियों ने बताया कि पंजाब और हरियाणा से इजाजत मिलने के बाद बसों की संख्या को बढ़ाकर 159 किया जाएगा और रूट को भी बढ़ाकर 52 किया जाएगा। बसों को चलाने के लिए समय भी तय किया है, जो सुबह 8 से शाम 6 बजे तक है।
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बस स्टैंड पर हर यात्री की होगी थर्मल स्क्रीनिंग
सीटीयू की बसें कोरोना के फैलने की वजह न बनें, इसके लिए सीटीयू पूरी सतर्कता बरत रहा है। बसों को दिन में दो बार, सुबह और शाम को सैनिटाइज किया जाएगा। आईएसबीटी सेक्टर 43 के एंट्री प्वाइंट पर यात्रियों की थर्मल स्क्रीनिंग की जाएगी और डिपो में ड्राइवर और कंडक्टरों की स्क्रीनिंग होगी। ड्राइवर और कंडक्टरों को मास्क और दस्ताने दिए गए हैं। बस में सैनिटाइजर रखे गए हैं, जिसका इस्तेमाल यात्री भी कर सकेंगे।
बसों में बैठने की क्षमता कम की
बसों में बैठने की क्षमता को भी कम किया गया है। सीटीयू की 9 मीटर की बस में सिर्फ 13 यात्री बैठ सकेंगे, जबकि 12 मीटर की बस में सिर्फ 17 यात्री सफर पर सकेंगे। बसों में सोशल डिस्टेंसिंग के मानदंडों का पालन किया जाएगा। यदि किसी यात्री ने मास्क नहीं पहना होगा तो उसे बस के अंदर बैठने नहीं दिया जाएगा। इसके अलावा बसों में एंट्री और एग्जिट भी अलग-अलग गेट से होगी।