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मासूम फतेहवीर की मौत के बाद जागी सरकार, पंजाब में 45 'मौत के बोरवेल' हुए बंद

Thu, 13 Jun 2019 01:35 AM IST
खुशबू गोयल न्यूज डेस्क/अमर उजाला, चंडीगढ़
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कैप्टन अमरिंदर सिंह - फोटो : फाइल फोटो
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 पंजाब सरकार ने बुधवार तक 45 खुले बोरवेल बंद करवा दिए है। बुधवार को मुख्यमंत्री अमरिंदर सिंह को विभिन्न जिलों के उपायुक्तों ने रिपोर्ट सौंपते हुए भरोसा दिलाया कि भविष्य में इस तरह की दुखद घटना न हो, इसके लिए अभियान जारी रखा जाएगा। बता दें संगरूर जिले के एक गांव के बोरवेल में दो वर्षीय फतेहवीर के गिरने के बाद मौत हो गई थी। इसके बाद प्रदेश सरकार ने सभी खुले बोरवेल बंद करने का आदेश दिए थे।

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रिपोर्ट के मुताबिक अब तक 45 खुले बोरवेल बंद कर दिए गए हैं। इनमें से 26 बोरवेल फतेहगढ़ साहिब जिले में पाए गए हैं। बस्सी पठाना और खेड़ा ब्लॉक में 13-13 खुले बोर थे। मानसा जिले में आठ बोरवेल बंद किए गए, जबकि पटियाला और कपूरथला जिलों में तीन-तीन, गुरदासपुर जिले में दो और रोपड़ एवं होशियारपुर जिलों में एक-एक खुले बोरवेल बंद कर दिए गए हैं।

रोपड़ जिले में 19 बोरवेल ढके हुए नहीं पाए गए, जिनमें से एक को बंद कर दिया गया है जबकि बाकी को बंद करने की प्रक्रिया जारी है। प्रवक्ता के मुताबिक फिरोजपुर, फरीदकोट, श्री मुक्तसर साहिब और तरनतारन जिलों में कोई भी बोरवेल खुला हुआ नहीं पाया गया। मुख्यमंत्री ने मुख्य सचिव के नेतृत्व वाले आपदा प्रबंधन ग्रुप को भविष्य में ऐसी घटनाओं की रोकथाम के लिए एसओपी (स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसीजर) को अंतिम रूप देने के लिए कहा।

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फतेहवीर की मौत पर गहरा दुख जताते हुए पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिन्दर सिंह ने राज्य भर में खुले पड़े सभी बोरवेलों को बंद करने के आदेश दिए। मुख्यमंत्री ने मुख्य सचिव के नेतृत्व वाले आपदा प्रबंधन ग्रुप को ऐसी घटनाओं से बचने और रोकने के लिए एसपीओ (स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसीजर) को अंतिम रूप देने के लिए भी कहा है।

मुख्यमंत्री ने राज्य भर में खुले पड़े बोरवेल की जानकारी डिप्टी कमिश्नरों से मांगी और इस तरह की घटना से बचने के लिए तुरंत कदम उठाए जाने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने मुख्य सचिव को प्राकृतिक आपदा से निपटने के लिए गठित किए ग्रुप को राहत कामों में किसी भी तरह की कमी का अध्ययन करने और भविष्य में इस तरह के किसी भी मामले में तेजी से कार्रवाई के लिए अपनी सिफारिशें देने को कहा है।
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