इस बार के बजट में गांव के लिए कोई राशि नहीं रखी गई है, जबकि निगम में 9 गांव शामिल हुए हैं। निगम ने गांव के विकास कार्यों के लिए 27 करोड़ रुपये का बजट तैयार किया है। इसमें 18 करोड़ से पब्लिक हेल्थ और 9 करोड़ रुपये से बीएंडआर के काम कराने हैं। वहीं 23.50 करोड़ रुपये से कॉलोनियों में विकास कार्य कराने की योजना है। इसके लिए प्रशासन को अलग से फंड देना होगा।
सौ करोड़ से सुधरेगी शहर के सड़कों की हालत
निगम को कुल बजट तो 425 करोड़ का मिला है, जबकि निगम ने केवल सड़कों के निर्माण व मरम्मत के लिए सौ करोड़ का बजट तैयार किया है। इसमें 55 करोड़ में पूरी तरह से जर्जर सड़कों के निर्माण कार्य का एस्टीमेट तैयार किया है। शहर की सड़कों की हालत किसी से छिपी नहीं है। जर्जर सड़कों से गुजरना जैसे लोगों के लिए दुश्वार हो गया है। ऐसे में निगम को फिर प्रशासन के सामने हाथ फैलाने होंगे।
स्मार्ट सिटी के लिए भी 200 करोड़ का अनुमानित बजट
प्रधानमंत्री की महत्वाकांक्षी स्मार्ट सिटी योजना में चंडीगढ़ को 200 करोड़ का अनुमानित बजट आवंटित किया गया है। हालांकि, 500 करोड़ से पहले ही स्मार्ट सिटी कई प्रोजेक्ट का टेंडर आवंटित कर चुका है या आवंटित करने वाला है। फिलहाल, नगर निगम के लिए भी कई कार्य स्मार्ट सिटी परियोजनाओं के तहत कराए जा रहे हैं, जिसमें डड्डूमाजरा स्थित डंपिंग ग्राउंड प्रमुख है।
वर्तमान में स्मार्ट सिटी योजना के अंतर्गत शहर में 25 प्रोजेक्ट हैं। इसमें से 15 प्रोजेक्ट पूरे हो चुके हैं। 7 प्रोजेक्ट पर काम जारी है। एक प्रोजेक्ट का टेंडर देना है और 2 प्रोजेक्ट का डिटेल प्रोजेक्ट रिपोर्ट (डीपीआर) तैयार है। 15 प्रोजेक्ट पर स्मार्ट सिटी 166.84 करोड़ खर्च कर चुकी है। 7 प्रोजेक्ट पर स्मार्ट सिटी को 86.78 करोड़ खर्च करना है। एक प्रोजेक्ट पर पांच करोड़ खर्च होंगे और 2 प्रोजेक्ट पर 10.50 करोड़ खर्च होंगे।
बचे हुए प्रोजेक्ट का काम काफी तेजी से हो रहा है। बता दें कि स्मार्ट सिटी को साल 2015 में 500 करोड़ मिले थे। हालांकि, चार साल में स्मार्ट सिटी कुछ ही फंड का उपयोग कर सका था। साल 2019 में स्मार्ट सिटी के सभी प्रोजेक्ट का टेंडर हुआ। निगम ने शहर की गंभीर समस्या डंपिंग ग्राउंड को हटाने का प्रोजेक्ट भी स्मार्ट सिटी योजना के तहत ही तैयार किया है। ऐसे में 200 करोड़ का बजट मिलने से स्मार्ट सिटी योजनाओं को और बल मिलेगा।